मशीनों से पानी में वाइब्रेशन कर जाल डाला, फिर मिला शव
बांसवाड़ा, 7 मई: बांसवाड़ा जिले में माही नदी में नाव पलटने के हादसे के बाद लापता हुए 21 वर्षीय युवक और 8 वर्षीय बच्चे के शव गुरुवार को 48 घंटे बाद बरामद कर लिए गए। एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही थी।
गुरुवार सुबह हादसे वाली जगह पर एसडीआरएफ टीम ने मशीनों और नाव की मोटर की मदद से नदी के पानी में वाइब्रेशन किया तथा जाल डाला। कुछ ही देर बाद 21 वर्षीय जयेश तीरगर का शव जाल में फंस गया। इसके बाद दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें 8 वर्षीय मानव का शव भी बरामद कर लिया गया। हादसे में डूबी नाव भी नदी से निकाल ली गई है।
मंगलवार को पलटी थी नाव
यह हादसा मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अरथूना थाना क्षेत्र की पांचवाड़ा पंचायत के भैंसाउ गांव के पास हुआ था। माही नदी में नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। नाव में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से नाविक सहित 9 लोग तैरकर बाहर निकल आए, जबकि जयेश और मानव लापता हो गए थे।
मानव मोटागांव थाना क्षेत्र के चंदूजी का गढ़ा गांव का रहने वाला था और अपने मामा के घर भाणो का पाड़ा आया हुआ था। वह अपने मामा के साथ संगमेश्वर महादेव के दर्शन करने गया था। वहीं जयेश भाणो का पाड़ा निवासी था।
देसी तकनीक से मिला शव
लगातार दो दिन तक शव नहीं मिलने पर गुरुवार को एसडीआरएफ टीम ने स्थानीय स्तर पर देसी तकनीक अपनाई। हादसे वाले क्षेत्र के करीब 100 मीटर दायरे में नाव की मोटर से पानी में कंपन पैदा किया गया और साथ ही जाल डाला गया। पानी में तेज वाइब्रेशन होने से पहले जयेश और बाद में मानव का शव ऊपर आ गया। अरथूना थानाधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि दोनों शवों को परतापुर अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।