जीएसटी में अपात्र ITC, फर्जी बिलिंग और कम कर देयता के मामले उजागर; शुरुआती जांच में 2.35 करोड़ से अधिक की अनियमितताएं चिन्हित
उदयपुर, 10 अगस्त: राजस्थान के वाणिज्यिक कर विभाग ने जीएसटी में कर चोरी, अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), फर्जी बिलिंग और वास्तविक कर देयता से कम कर दर्शाने के मामलों के खिलाफ सप्ताहांत में विशेष अभियान चलाया। उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, पाली, चूरू, श्रीगंगानगर और बीकानेर में की गई सर्वे एवं जांच कार्रवाई में शुरुआती तौर पर 2.35 करोड़ रुपए से अधिक की संभावित कर अनियमितताएं चिन्हित की गई हैं।
जांच में निर्माण, टेक्सटाइल, रेस्टोरेंट एवं हॉस्पिटैलिटी, सुरक्षा सेवाओं और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों के यहां जीएसटी नियमों के उल्लंघन के संकेत मिले। कई मामलों में निरस्त पंजीकरण वाली फर्मों से खरीद, अपात्र ITC का दावा, फर्जी ITC और रिटर्न में कम कर देयता दर्शाने के मामले सामने आए।
उदयपुर में 11 लाख रुपए जमा
उदयपुर स्थित ओमेगा लीजर लाउंज प्राइवेट लिमिटेड के यहां जांच में रेस्टोरेंट सेवाओं से संबंधित अपात्र ITC लेने और रिवर्स चार्ज दायित्व का पालन नहीं करने के संकेत मिले। कार्रवाई के दौरान करदाता ने करीब 11 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा कराए।
जोधपुर में 42 लाख की अनियमितता
ओसियां स्थित मारुधर कंस्ट्रक्शन कंपनी के मामले में पात्रता से अधिक और अपात्र ITC के उपयोग का मामला सामने आया। प्रारंभिक जांच में करीब 42 लाख रुपए की संभावित कर अनियमितता चिन्हित हुई, जिसमें से करदाता ने 38.57 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा करा दिए।
पाली में संदिग्ध फर्मों से ITC
पाली की कृष्णा टेक्सटाइल में निरस्त एवं संदिग्ध फर्मों से प्राप्त ITC की जांच में करीब 13.97 लाख रुपए की संभावित अनियमितता सामने आई। करदाता ने 1.50 लाख रुपए कर एवं दंड के रूप में जमा कराए तथा शेष राशि जमा कराने के लिए समय मांगा।
चूरू में 50 लाख के अपात्र ITC की जांच
रतनगढ़ स्थित श्री बालाजी कंस्ट्रक्शन एंड सप्लायर्स के मामले में करीब 50 लाख रुपए के अपात्र ITC के संकेत मिले। विभाग के अनुसार निरस्त पंजीकरण वाले करदाता से ITC लेने की आशंका है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
जयपुर में 10.17 लाख जमा
वैशाली नगर स्थित कर्णी सेफ सिक्योरिटी सर्विसेज के यहां अतिरिक्त ITC लेने और जीएसटी रिटर्न में कर देयता कम दर्शाने से संबंधित अनियमितताएं सामने आईं। जांच के दौरान करदाता ने करीब 10.17 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा कराए।
सूरतगढ़ में 82.80 लाख का फर्जी ITC
श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ स्थित जेबी एंड कंपनी के मामले में करीब 82.80 लाख रुपए के फर्जी ITC का मामला सामने आया। विभाग ने संबंधित भुगतानों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सूचना दी है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
बीकानेर में भी कई मामले
बीकानेर में ‘श्री राम’ के मामले में निरस्त पंजीकरण वाली फर्म से खरीद और संदिग्ध ITC से जुड़ी करीब 20 लाख रुपए की संभावित अनियमितता सामने आई। वहीं ‘तावरी वायरॉन’ के यहां बिक्री, स्टॉक, कर देयता के समायोजन और ITC उपयोग से जुड़े लेन-देन की जांच की गई। बज्जू स्थित श्री कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी के यहां निरस्त पंजीकरण वाले करदाता से ITC लेने और पात्रता से अधिक ITC का दावा करने के संकेत मिले। यहां करदाता ने करीब 5.54 लाख रुपए स्वेच्छा से जमा कराए।
दस्तावेजों की जांच जारी
विभाग की ओर से संबंधित कारोबारियों के लेखा अभिलेख, खरीद-बिक्री विवरण, जीएसटी रिटर्न और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अंतिम जांच निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने संकेत दिया है कि कर चोरी, फर्जी बिलिंग और जीएसटी में अनियमितताओं के खिलाफ राज्यभर में विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।