चित्तौड़गढ़ में ‘म्यूल अकाउंट’ से 60 लाख तक का ट्रांजेक्शन, दो आरोपी रडार पर
चित्तौड़गढ़, 10 मई: देशभर में हुई 101 साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े बैंक खाते का खुलासा चित्तौड़गढ़ साइबर थाना पुलिस ने किया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि ‘सोलफेव ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से खुला यह खाता साइबर ठगी की रकम जमा करने और उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार यह अकाउंट वर्ष 2025 तक सक्रिय रहा और इसमें करीब 50 से 60 लाख रुपए तक का ट्रांजेक्शन हुआ। जांच में चंदेरिया थाना क्षेत्र के नयाखेड़ा दौलतपुरा निवासी गोपाल जाट और नारायण वैष्णव को रडार पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि खाते में देश के कई राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम जमा होती थी, जिसे तुरंत अन्य खातों में भेज दिया जाता था।
साइबर थाना अधिकारी मधु कंवर ने बताया कि ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, जिनका उपयोग ठगी की रकम को छिपाने और घुमाने के लिए किया जाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़े लिंक खंगालने शुरू कर दिए हैं।
ग्रामीणों के बैंक खातों से चलता था 50 लाख की साइबर ठगी का नेटवर्
साइबर ठगी गिरोह का आरोपी गिरफ्तार
डूंगरपुर, 10 मई: राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ के तहत चितरी थाना पुलिस ने साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी भोले-भाले ग्रामीणों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता था और उन्हीं खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता था। मामले में अब तक करीब 50 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
सीआई रतनलाल जटिया ने बताया कि साइबर सेल से मिले इनपुट के बाद बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक संदिग्ध खाते की जांच शुरू की गई। यह खाता भेमई निवासी भरतलाल नाई के नाम पर संचालित हो रहा था, जिसके खिलाफ कई राज्यों से 14 ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं। पूछताछ में सामने आया कि बांसिया निवासी महावीर सिंह ने हर महीने 5 हजार रुपए का लालच देकर खाता खुलवाया और बैंक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।
पुलिस ने तकनीकी निगरानी और लगातार दबिश के बाद महावीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। वहीं गिरोह का मुख्य सरगना घनश्याम कलाल अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुणे कारोबारी से 46 लाख की ठगी, महिला गिरफ्तार
मुनाफे का झांसा देकर दंपती ने ऐंठी रकम, फर्जी बिल देकर करता रहा गुमराह
बांसवाड़ा, 10 मई: पुणे के एक कारोबारी से 46 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में शनिवार को बांसवाड़ा में बड़ी कार्रवाई हुई। पुणे के कोंढवा थाना पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी महिला अजब पत्नी जैनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि दंपती ने इलेक्ट्रॉनिक सामान, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, कपड़े और घरेलू सजावटी सामान के व्यापार में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर रकम निवेश करवाई थी।
कोतवाल बुधाराम विश्नोई ने बताया कि शिकायतकर्ता मडकी कमर अहमद कादर ने रिपोर्ट में बताया कि साल 2021 में उसकी पहचान जैनुद्दीन और उसकी पत्नी अजब से हुई थी। दोनों ने खुद को बड़ा कारोबारी बताते हुए निवेश पर अच्छा लाभ देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद पीड़ित और उसके साथी से अलग-अलग खातों में 46 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए।
रकम लेने के बाद आरोपी दंपती माल आने और गाड़ियां रास्ते में फंसने जैसी बातें कहकर टालमटोल करता रहा। पुलिस के अनुसार फर्जी बिल और दस्तावेज भी दिए गए। फिलहाल महिला को गिरफ्तार कर पुणे पुलिस अपने साथ ले गई है और मामले की जांच जारी है।