उदयपुर, 11 जुलाई: इतिहासकार डॉ. श्रीकृष्ण जुगनू ने कहा कि महाराणा प्रताप का मेवाड़ तभी महत्वपूर्ण और समृद्ध बना रहेगा, जब यहां के पानी, पेड़ और पहाड़ सुरक्षित रहेंगे। अभिनव संस्थान की ओर से आयोजित वनोत्सव कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मेवाड़ का वास्तविक वैभव वन, वृष्टि और स्वच्छ वायु है, इसलिए इनके संरक्षण का संकल्प लेना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अलका मूंदड़ा ने कहा कि मां के नाम एक पेड़ लगाना हमारा धर्म और पर्यावरण को स्वच्छ रखना नागरिक दायित्व है। झील संरक्षण समिति के सहसचिव अनिल मेहता ने देश में प्रति व्यक्ति पेड़ों की कम संख्या पर चिंता जताते हुए वृक्षारोपण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम में विद्यालय परिसर और रकमपुरा स्थित सेगरा धूणी पहाड़ी पर विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने पौधरोपण एवं बीजारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।