चावंड में भव्य सरोवर यात्रा में उमड़े हजारों श्रद्धालु, लालपुरिया की गवरी के बाद विधि-विधान से जवारों का विसर्जन
चावंड, 17 अक्टूबर: मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा चावंड में शनिवार को मां नारसिंह भवानी की भव्य सरोवर यात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। मुंह में त्रिशूल धारण कर भक्तों को दर्शन देने निकलीं मां नारसिंह भवानी के दिव्य स्वरूप को देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
मां नारसिंह भवानी के दरबार से शुरू हुई यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने माता के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र में खुशहाली की कामना की। सरोवर पहुंचने पर धार्मिक परंपराओं के अनुसार जवारों का विधि-विधान से विसर्जन किया गया।
मंदिर के पुजारी कालूलाल जी तेली ने बताया कि मंदिर में नवरात्रि का पर्व वर्षों पुरानी परंपराओं के अनुसार मनाया जाता है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना और ज्वारा स्थापना की जाती है। इसके बाद प्रतिदिन पूजा-अर्चना होती है। छठी रात्रि को जागरण और गवरी का आयोजन किया जाता है। अगले दिन सरोवर यात्रा निकालकर जवारों का विसर्जन किया जाता है।
इससे पहले छठ की रात्रि को मंदिर परिसर में प्रसिद्ध लालपुरिया की गवरी का आयोजन हुआ। गवरी कलाकारों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरी रात मंदिर परिसर में भक्ति और आराधना का माहौल रहा। सरोवर यात्रा, माता के दर्शन और जवारा विसर्जन के साथ नवरात्रि के आयोजन का समापन हुआ।