परिसीमन और ‘एक देश, एक चुनाव’ पर सांसद रोत का भाजपा पर हमला

Share

सागवाड़ा में बीएपी उम्मीदवारों के समर्थन में की बैठकें, बोले- राष्ट्रीय नारों में दब जाएंगे गांवों के मुद्दे
उदयपुर, 18 अक्टूबर:
बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने रविवार को सागवाड़ा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पंचायती राज चुनाव को लेकर बैठकें कीं और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के जिला परिषद व पंचायत समिति उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। इस दौरान उन्होंने परिसीमन, ‘एक देश, एक चुनाव’ और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
रोत ने बर्बोदनिया, घाटा का गांव, लिंबडिया, खड़गदा, लिमड़ी और किशनपुरा में बैठकें कर मतदाताओं से बीएपी उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान की अपील की।
परिसीमन में राजनीतिक लाभ का आरोप
सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चुनाव में हार के डर से पंचायतों, वार्डों और जिला परिषद क्षेत्रों की सीमाओं में मनमाने बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि परिसीमन भौगोलिक परिस्थितियों और जनता की सुविधा के आधार पर होना चाहिए, न कि राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर। उन्होंने मतदाताओं से चुनाव में इसका जवाब देने का आह्वान किया।
‘एक देश, एक चुनाव’ पर उठाए सवाल
रोत ने ‘एक देश, एक चुनाव’ की अवधारणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकसभा से लेकर पंचायत स्तर तक चुनाव एक साथ होने पर गांवों की स्थानीय समस्याएं राष्ट्रीय मुद्दों के बीच दब सकती हैं। पंचायत चुनाव में सड़क, पानी, बिजली और शिक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख होते हैं, जबकि राष्ट्रीय चुनावों का दायरा अलग होता है।
महंगाई और बेरोजगारी को लेकर भी घेरा
सांसद ने अर्थव्यवस्था और विकास के सरकारी दावों पर सवाल उठाते हुए महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आंकड़ों और प्रचार के जरिए विकास की तस्वीर पेश कर रही है, जबकि आम जनता की समस्याएं बरकरार हैं। रोत ने ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर मतदान के जरिए अपने अधिकारों की रक्षा करने तथा बीएपी उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।