उदयपुर सिटी स्टेशन पर दिव्यांगों की अनदेखी भारी पड़ी

Share

उपभोक्ता आयोग ने रेलवे को भेजा नोटिस, 6.20 लाख रुपये मुआवजे की मांग
उदयपुर, 19 जून :
उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मामला अब उपभोक्ता न्यायालय तक पहुंच गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक दिव्यांग यात्री की शिकायत पर उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक और अजमेर मंडल रेल प्रबंधक को नोटिस जारी कर 27 अगस्त तक जवाब तलब किया है। मामले में रेलवे पर 6.20 लाख रुपये से अधिक के मुआवजे का दावा किया गया है।
अर्थ डायग्नोस्टिक सेंटर के सीईओ एवं 50 प्रतिशत पोलियोग्रस्त डॉ. अरविंदर सिंह ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि 14 मार्च 2026 को उन्हें उपचार संबंधी कार्य से तत्काल जयपुर जाना था। स्टेशन पहुंचने पर न तो दिव्यांगों के लिए आरक्षित पार्किंग मिली, न अलग टिकट काउंटर और न ही व्हीलचेयर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। ऑनलाइन टिकट लेने के बाद भी वे ट्रेन में सवार नहीं हो सके, क्योंकि कोच की ऊंची सीढ़ियों तक पहुंचने के लिए कोई अस्थायी रैंप या सहायक व्यवस्था मौजूद नहीं थी। अंततः उन्हें निजी वाहन से जयपुर जाना पड़ा।
याचिका में रेलवे की व्यवस्था को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम तथा संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन बताया गया है। डॉ. सिंह ने मानसिक पीड़ा, आर्थिक नुकसान, मुकदमे के खर्च और टिकट राशि सहित कुल 6,20,412 रुपये के मुआवजे की मांग की है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है।