स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: घर-घर कचरा संग्रहण में सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई—केके गुप्ता

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बाड़मेर/जयपुर, 6 मई: स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर केके गुप्ता ने बाड़मेर में आयोजित समीक्षा बैठक में स्वच्छता कार्यों में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि घर-घर कचरा संग्रहण की स्थिति में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता ही विकसित और समृद्ध राजस्थान की पहचान है और इसे किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश “संकल्प से सिद्धि” के मार्ग पर तेजी से आगे बढ़ रहा है और स्वच्छता अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य समयबद्ध और परिणाम आधारित तरीके से पूरे किए जाएं तथा जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्य संस्कृति अपनाई जाए।
कचरा संग्रहण में भारी अनियमितता उजागर
बैठक में सामने आया कि बाड़मेर शहर में केवल 50 प्रतिशत घरों से ही कचरा उठाया जा रहा है। इस पर गुप्ता ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह स्थिति अस्वीकार्य है। उन्होंने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, गीले-सूखे कचरे के पृथक्करण और कचरा यार्ड की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
5 प्रमुख बिंदुओं पर विशेष फोकस के निर्देश
गुप्ता ने अधिकारियों को घर-घर कचरा संग्रहण, नाइट स्वीपिंग, सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, प्लास्टिक प्रतिबंध और खाली प्लॉट्स की सफाई जैसे पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही स्ट्रीट लाइट, पार्कों की सफाई, अवैध मांस दुकानों पर कार्रवाई और सीवरेज कार्यों के बाद सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने निकायों को कार्य के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित कर स्पष्ट किया कि खराब प्रदर्शन करने वालों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।