उदयपुर, 20 अगस्त: नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ में आयोजित ‘अपनों से अपनी बात, भोलेनाथ के साथ’ शिव कथा में श्रद्धा और जीवन मूल्यों का संदेश दिया गया। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि मनुष्य के भीतर जब अहंकार का पर्दा पड़ जाता है तो उसे अपना-पराया, सत्य-असत्य और उचित-अनुचित का भेद दिखाई देना बंद हो जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान शिव सहजता, समभाव और त्याग के प्रतीक हैं। महानता पद या संपत्ति में नहीं, बल्कि दूसरों के दुख को अपना समझने में है। अहंकार रिश्तों में दूरी और मन में अशांति पैदा करता है, जबकि विनम्रता व्यक्ति को परिवार और समाज से जोड़ती है। अग्रवाल ने कहा कि भौतिक उपलब्धियों की दौड़ में मनुष्य अपनों से दूर होता जा रहा है। शिव की आराधना के साथ उनके गुणों को जीवन में उतारना जरूरी है। कथा में शिव महिमा और भजनों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर किया।