भीलवाड़ा एसपी ऑफिस के बाहर मिली डुप्लीकेट गाड़ी, असली वाहन उदयपुर में खड़ा; तीन जिलों में शिकायत
उदयपुर, 22 अप्रैल: राजस्थान में वाहन पंजीयन व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उदयपुर निवासी युवक की कार के नंबर से मिलती-जुलती दूसरी कार भीलवाड़ा में पुलिस लिखकर घूमती मिली। हैरानी की बात यह रही कि फर्जी नंबर प्लेट लगी यह कार भीलवाड़ा एसपी कार्यालय के बाहर खड़ी थी, जबकि उसी नंबर की असली कार उदयपुर जिले के गोगुंदा में मालिक के घर खड़ी थी। मामला सामने आने के बाद वाहन मालिक ने उदयपुर, भीलवाड़ा और अजमेर पुलिस अधिकारियों को शिकायत भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
मामले के अनुसार RJ27 CK 2614 नंबर की टाटा अल्ट्रोज कार के पंजीकृत मालिक गोगुंदा निवासी जयदीप सिंह झाला को 16 अप्रैल को भीलवाड़ा ट्रैफिक पुलिस से फोन आया। ट्रैफिक शाखा में तैनात हेड कॉन्स्टेबल लेहरू लाल ने उन्हें भीलवाड़ा एसपी ऑफिस के बाहर खड़ी उनकी कार हटाने को कहा। इस पर जयदीप ने बताया कि उनकी कार तो उदयपुर स्थित घर पर खड़ी है।
इसके बाद पुलिसकर्मी ने कार की तस्वीरें भेजीं, जिन्हें देखकर जयदीप हैरान रह गए। तस्वीरों में उसी नंबर की दूसरी टाटा अल्ट्रोज कार दिखाई दी, जिस पर ‘पुलिस’ लिखा था और अंदर पुलिस की कैप भी रखी हुई थी। इसी दौरान पुलिस वर्दी पहने एक व्यक्ति वहां आया और खुद को कॉन्स्टेबल बताते हुए कार लेकर चला गया।
जयदीप सिंह ने गोगुंदा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उदयपुर, भीलवाड़ा और अजमेर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी नंबर प्लेट वाली कार किसकी है और उसे किस उद्देश्य से उपयोग किया जा रहा था।
यह मामला पुलिस और परिवहन विभाग दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। यदि समय रहते इसका खुलासा नहीं होता, तो फर्जी नंबर प्लेट का दुरुपयोग बड़ी आपराधिक घटनाओं में भी हो सकता था।
मामले ने खड़े किए गंभीर सवाल
एक ही नंबर की दो कारें अलग-अलग जिलों में कैसे चल रही थीं?
फर्जी कार पर ‘पुलिस’ लिखकर कौन घूम रहा था?
एसपी कार्यालय के बाहर खड़ी कार की जांच तत्काल क्यों नहीं हुई?
क्या वाहन नंबर प्लेट क्लोनिंग का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है?