रेलवे सर्वे का विरोध तेज, बोले ग्रामीण- खेत गए तो घर भी उजड़ जाएंगे

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नीमच-दाहोद रेल लाइन का मार्ग बदलने की मांग, चार पंचायतों के ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
बांसवाड़ा, 27 जुलाई:
नीमच-दाहोद प्रस्तावित रेलवे लाइन का सर्वे अब ग्रामीणों के विरोध का कारण बनता जा रहा है। बांसवाड़ा जिले की चार पंचायतों के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर रेल लाइन का मार्ग बदलने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लाइन कृषि भूमि और आबादी क्षेत्र के बीच से निकाली गई तो अनेक परिवार भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे।
सुरवानिया, सालिया, सियापुर और पाड़ीकलां पंचायतों के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र जनजाति बहुल है और अधिकांश परिवारों की आजीविका छोटी कृषि भूमि पर निर्भर है। ऐसे में जमीन अधिग्रहण से उनके सामने आर्थिक संकट और पलायन की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि हजारों पेड़-पौधे, ट्यूबवेल और मकान भी प्रभावित होंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि रेल लाइन का वैकल्पिक मार्ग तय कर कृषि भूमि और बस्तियों को बचाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान क्षेत्रीय विधायक अर्जुन सिंह बामणिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।