हैप्पी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग; आदिवासी और सर्व हिंदू समाज ने सौंपा ज्ञापन, विवाद बढ़ने पर जारी किया माफी का वीडियो
उदयपुर, 28 सितंबर: मेवाड़ की प्रसिद्ध लोकनाट्य परंपरा गवरी को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सोमवार को आदिवासी समाज और सर्व हिंदू समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गवरी को आदिवासी समाज की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा बताते हुए टिप्पणी करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैप्पी सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में जिला प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार करीब तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में हैप्पी सिंह ने गवरी में पुरुष कलाकारों के महिला स्वरूप धारण करने, घुंघरू पहनने, कानों में कुंडल और चेहरे पर लिपस्टिक लगाने को लेकर सवाल उठाए थे। वीडियो में गवरी की परंपरा को कथित तौर पर पाखंड बताया गया और माता शिव-पार्वती के स्वरूप को लेकर भी सवाल किए गए। वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद आदिवासी समाज में नाराजगी बढ़ गई।
कलेक्टर-एसपी को सौंपा ज्ञापन
सोमवार को बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि गवरी केवल नृत्य या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि मेवाड़ के आदिवासी समाज की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है। कलाकार गवरी के दौरान धार्मिक नियमों और परंपराओं का पालन करते हैं। ऐसे में इस पर की गई टिप्पणी से समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
दूसरे दिन माफी का वीडियो जारी
विवाद बढ़ने के बाद संबंधित युवक ने अगले दिन सोशल मीडिया पर एक और वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।