राष्ट्रीय वयोश्री योजना में 800 से अधिक बुजुर्गों को मिले 5600 सहायक उपकरण

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व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और वॉकर पाकर खिले चेहरे; मंत्री बोले- योजना से बढ़ेगी आत्मनिर्भरता
चित्तौड़गढ़, 9 जून
: राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत चित्तौड़गढ़ में मंगलवार को वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत मिली। इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में 800 से अधिक बुजुर्गों को उनकी आवश्यकता के अनुसार 5600 सहायक उपकरण वितरित किए गए। उपकरण मिलने के बाद बुजुर्गों ने खुशी जताते हुए कहा कि अब उनके दैनिक कार्य पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेंगे।
85 लाख रुपए के उपकरण वितरित
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने वितरण समारोह से पहले दुर्ग स्थित बाण माता मंदिर में दर्शन किए। मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना वर्ष 2017 से संचालित है और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने बताया कि नवंबर में विशेष शिविर लगाकर लाभार्थियों की पहचान की गई थी। सर्वे के दौरान बुजुर्गों की शारीरिक जरूरतों का आकलन कर उपकरण तैयार करवाए गए। चित्तौड़गढ़ ब्लॉक में करीब 85 लाख रुपए मूल्य के उपकरण वितरित किए गए हैं।
जरूरत के अनुसार मिले 5 से 10 उपकरण
कार्यक्रम में व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, वैशाखी, वॉकर, स्टिक, कमोड चेयर सहित अन्य सहायक सामग्री वितरित की गई। सांसद सीपी जोशी ने बताया कि प्रत्येक लाभार्थी को उसकी आवश्यकता के अनुसार 5 से 10 तक उपकरण उपलब्ध कराए गए। योजना का लाभ 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के उन वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता है जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपए तक है। इससे बुजुर्गों के जीवन को अधिक सहज और सम्मानजनक बनाने में मदद मिलेगी।