10 पंचायत समितियों में जिला परिषद के 25 और पंचायत समिति के 160 वार्डों के लिए हुआ मतदान, बुजुर्गों और युवाओं में भी दिखा उत्साह
उदयपुर, 22 अक्टूबर: पंचायतीराज चुनाव के प्रथम चरण में गुरुवार को उदयपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं ने उत्साह के साथ मतदान किया। शाम 6 बजे तक जिले में 63.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पंचायत समिति नाई 79 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रही, जबकि मावली में सबसे कम 55.32 प्रतिशत वोट पड़े। जिला प्रशासन के अनुसार, मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
प्रथम चरण में गिर्वा, नाई, झाड़ोल, फलासिया, मावली, वल्लभनगर, भींडर, घासा, ओगणा और कुराबड़ पंचायत समिति क्षेत्रों में जिला परिषद के 25 निर्वाचन क्षेत्रों और पंचायत समितियों के 160 वार्डों के लिए मतदान हुआ। जिला परिषद सदस्य पद के 65 और पंचायत समिति सदस्य पदों के 435 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
दोपहर बाद बढ़ा मतदान का आंकड़ा
जिले में सुबह 10 बजे तक 10.95 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोपहर 1 बजे तक यह बढ़कर 34.94 प्रतिशत और अपराह्न 3 बजे तक 48.86 प्रतिशत पहुंच गया। शाम 6 बजे तक नाई में 79, झाड़ोल में 73.50, फलासिया में 71 और गिर्वा में 68.11 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं कुराबड़ में 57.14, मावली में 55.32, भींडर में 59.93, घासा में 61.05, ओगणा में 61.93 और वल्लभनगर में 60.91 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई।
बुजुर्गों और दिव्यांगों ने भी निभाई भागीदारी
मतदान केंद्रों पर पहली बार वोट डालने पहुंचे युवाओं में खास उत्साह दिखा। बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं ने भी बाधाओं के बावजूद मताधिकार का प्रयोग किया। गोटिपा निवासी संतोष कुंवर डायलिसिस पर होने के बावजूद मतदान केंद्र पहुंचीं। आदर्श मतदान केंद्रों पर छाया, बैठक और पेयजल की व्यवस्था की गई। एनएसएस और स्काउट स्वयंसेवकों ने बुजुर्गों व दिव्यांगों की सहायता की। जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव अग्रवाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहान के निर्देशन में प्रशासन और पुलिस की टीमें व्यवस्था संभालती रहीं।
गांवों में मतदान के लिए चार घंटे तक इंतजार
गिर्वा तहसील के डाकन कोटड़ा, चणावदा, बोरा, काया, खरपीना, बारापाल, पड़ूणा और अमरपुरा में मतदान के लिए लंबी कतारें लगीं। कुछ मतदाताओं को चार घंटे तक इंतजार करना पड़ा। प्रत्याशी भी पैर छूकर आशीर्वाद मांगते नजर आए। काया के आदर्श मतदान केंद्र को आकर्षक ढंग से सजाने के साथ धूप से बचाव के लिए झंबो कूलर, पेयजल और सेल्फी पॉइंट की व्यवस्था की गई। चुनाव में बीएपी की मौजूदगी से भाजपा और कांग्रेस के सामने भी चुनौती बढ़ी है।