7 नए मरीज भर्ती, अब तक 5 बच्चों की मौत; घर-घर सर्वे के निर्देश
उदयपुर, 7 अप्रैल : वेक्टर बॉर्न डिजीज के तहत एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) के बढ़ते मामलों ने मेवाड़ संभाग में स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार को सात और बच्चों में इस बीमारी की पुष्टि के बाद विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। अब तक पांच बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि नए संक्रमित बच्चों में दो चित्तौड़गढ़ जिले के बताए जा रहे हैं। सभी मरीजों का इलाज उदयपुर के एमबी अस्पताल में चल रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए संभाग के सभी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की छुट्टियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही जयपुर में प्रस्तावित चिकित्सा मंत्री की बैठक में शामिल होने गए सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को तत्काल अपने-अपने जिलों में लौटने के निर्देश दिए गए। उदयपुर के सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य को भी बीच में ही वापस बुला लिया गया।
लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल लाने की अपील
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि जिन बच्चों में बुखार के साथ झटके (ताण) और उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें, उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में लाया जाए। एमबी अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरएल सुमन ने आश्वस्त किया कि एमबी अस्पताल में उपचार की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध हैं और भर्ती बच्चे फिलहाल स्थिर हैं।
घर-घर सर्वे, एएनएम और आशाओं को जिम्मेदारी
संक्रमण की रोकथाम के लिए एएनएम और आशा सहयोगिनियों को घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं। टीमों को विशेष रूप से बुखार और न्यूरोलॉजिकल लक्षण वाले बच्चों की पहचान कर तुरंत चिकित्सा सुविधा से जोड़ने को कहा गया है।
तेजी से फैलने की आशंका, प्रशासन सतर्क
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार एईएस एक गंभीर बीमारी है, जो तेजी से फैल सकती है। ऐसे में समय पर पहचान और इलाज ही बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सा सलाह लें।