थ्रेशर मशीन हादसे में घायल मरीज का ‘ट्रांसपोजिशन फ्लैप’ तकनीक से सफल उपचार, सरकारी अस्पताल में मिली अत्याधुनिक निःशुल्क सुविधा
उदयपुर, 20 अप्रैल: उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए थ्रेशर मशीन हादसे में सिर की उखड़ी त्वचा को ‘ट्रांसपोजिशन फ्लैप’ तकनीक से सफलतापूर्वक जोड़कर नया इतिहास रच दिया। यह जटिल सर्जरी न केवल मरीज के लिए जीवनदायी साबित हुई, बल्कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की क्षमता भी सामने आई।
40 वर्षीय मरीज खेती के दौरान थ्रेशर मशीन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे में उसके सिर की त्वचा पूरी तरह उखड़ गई थी। ऐसी स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और मस्तिष्क की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। मरीज की हालत नाजुक होने के कारण तुरंत विशेषज्ञ सर्जरी की आवश्यकता थी।
प्लास्टिक एवं कॉस्मेटिक सर्जन डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि मरीज के उपचार में ‘ट्रांसपोजिशन फ्लैप’ तकनीक का उपयोग किया गया। इस प्रक्रिया में घाव के समीप के स्वस्थ ऊतकों को सावधानीपूर्वक प्रभावित हिस्से पर स्थानांतरित किया जाता है, जिससे रक्त संचार बना रहता है और घाव तेजी से भरता है। यह तकनीक मरीज को बेहतर कार्यात्मक और सौंदर्यात्मक परिणाम देती है।
आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राहुल जैन ने कहा कि अब ऐसी अत्याधुनिक और महंगी प्लास्टिक सर्जरी सुविधाएं सरकारी योजनाओं के तहत कॉलेज में निःशुल्क उपलब्ध हैं। इससे मरीजों को अहमदाबाद या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में इलाज के लिए जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती और आर्थिक बोझ भी कम होता है। इस सफल सर्जरी में डॉ. विपिन माथुर, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. उदिता नैथानी, डॉ. खेमराज मीणा तथा सहयोगी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेषज्ञों के अनुसार, इस उपलब्धि से उदयपुर संभाग के मरीजों को जटिल प्लास्टिक सर्जरी के लिए स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।