ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता की समीक्षा बैठक, कचरा प्रबंधन और जनजागरूकता पर जोर
सिरोही/माउंट आबू, 2 मई: प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल माउंट आबू को स्वच्छता के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन के अनुरूप स्वच्छ भारत मिशन (शहर) के प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने नगर पालिका में समीक्षा बैठक लेकर साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
स्वच्छता से पर्यटन छवि मजबूत करने पर फोकस
गुप्ता ने कहा कि माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन होने के साथ लाखों पर्यटकों की पहली पसंद है। ऐसे में यहां की स्वच्छता व्यवस्था राज्य की छवि को सीधे प्रभावित करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यटन स्थलों, बाजारों और होटलों में स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
कचरा प्रबंधन और नई व्यवस्थाएं लागू
बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने पर जोर दिया गया। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, गीला-सूखा कचरा पृथक्करण और रिसाइक्लिंग को अनिवार्य किया जाएगा। 10 मई से 10 कचरा संग्रहण वाहन शुरू किए जाएंगे। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को प्लास्टिक व कांच के लिए अलग डस्टबिन रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जनजागरूकता और सख्ती साथ-साथ
गुप्ता ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही संभव है। शहर में होर्डिंग, बैनर और अभियानों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई जाएगी। वहीं, ठेला-लारी के रूप में फास्ट फूड सेंटर पर रोक लगाने जैसे सख्त कदम भी उठाए गए हैं।
पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी
नक्की झील और प्रमुख पार्कों में फाउंटेन चालू रखने, रात में सफाई के लिए 19 कार्मिक तैनात करने और प्रत्येक वार्ड में स्वच्छता प्रभारी नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, कचरा यार्ड की संख्या कम करने और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता एक जिम्मेदारी के साथ-साथ बेहतर पर्यटन और व्यापार का आधार भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से माउंट आबू जल्द ही देश के स्वच्छ पर्यटन स्थलों में अग्रणी बनेगा।