मानसून से पहले मानसी वाकल बांध में मोनोलेयर छिड़काव की तैयारी, जलदाय विभाग और हिंदुस्तान जिंक मिलकर करेंगे प्रयास
उदयपुर, 29 अक्टूबर: शहर में गर्मी के दौरान पानी की किल्लत से निपटने और उपलब्ध जल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उन बांधों तथा तालाबों से वाष्पीकरण रोकने के लिए मोनोलेयर का छिड़काव किया जाएगा। पहले चरण में जलदाय विभाग ने मानसी वाकल बांध पर छिड़काव की तैयारी की है, जिसमें हिन्दुस्तान जिंक मददगार बनेगा। वाष्पीकरण रोके जाने से बचे पानी से लगभग ढाई लाख लोगों को जुलाई तक पानी मिल सकेगा।
मानसी वाकल बांध का कुल भराव क्षमता 24,410 एमसीएफटी है, जबकि वर्तमान में इसमें 13,758 एमसीएफटी पानी उपलब्ध है। बांध में 56.36 फीसदी पानी भरा हुआ बताया गया है। वहीं, शहर के 41 एमएलडी पानी की रोजाना आपूर्ति की जा रही है और 32 एमएलडी पानी लिया जा रहा है।
वाष्पीकरण कम करने के लिए मोनोलेयर
बांध में पानी के वाष्पीकरण को कम करने के लिए मोनोलेयर का छिड़काव किया जाएगा। यह पानी की सतह पर एक पतली परत बनाता है, जिससे वाष्पीकरण की प्रक्रिया धीमी होती है। वैज्ञानिक स्तर पर इसके लिए विशेष पदार्थों का इस्तेमाल किया जाता है। यह परत पानी की सतह पर महीन फिल्म बनाती है और पानी को हवा के सीधे संपर्क में आने से रोकने में मदद करती है।
जलापूर्ति में कटौती की आशंका
मानसी वाकल बांध का निर्माण हिंदुस्तान जिंक के सहयोग से किया गया था। इसी बांध से शहर को प्रतिदिन 7 एमएलडी पानी दिया जा रहा है। पिछले दिनों तक यह आपूर्ति जारी रही। यदि मानसून देर से आता है और जलस्रोतों में पर्याप्त पानी नहीं मिलता, तो आगामी गर्मी में जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहेगी। ऐसे में वाष्पीकरण कम करने की यह पहल जल संरक्षण के लिहाज से अहम मानी जा रही है।