तस्करों, गैंगस्टरों और संगठित अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी
सुभाष शर्मा
उदयपुर, 7 जून: राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी अवैध कमाई से खड़े किए गए साम्राज्य पर भी बड़ा प्रहार शुरू हो गया है। राजस्थान पुलिस ने पिछले एक वर्ष में तस्करों, गैंगस्टरों और संगठित अपराधियों की 32 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त और कुर्क कर दी हैं, जबकि 220 करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध और अवैध संपत्तियां पुलिस के निशाने पर हैं।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध अटैचमेंट और कुर्की की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कानूनी कार्रवाई पूरी होते ही 220 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों पर भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अपराध की जड़ पर चोट
उदयपुर के पुलिस महानिरीक्षक गौरव श्रीवास्तव का कहना है कि पुलिस की रणनीति अपराधियों को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी आर्थिक ताकत को खत्म करने की है। इसी उद्देश्य से वित्तीय जांच, बैंक खातों की पड़ताल, बेनामी संपत्तियों की पहचान और अवैध निवेश की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अपराध से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने से संगठित अपराध नेटवर्क कमजोर होगा।
ड्रग तस्करों पर सबसे बड़ी कार्रवाई
एनडीपीएस एक्ट के तहत राज्य के कई बड़े नशा तस्करों की संपत्तियों को फ्रीज किया गया है। प्रतापगढ़, झालावाड़, नागौर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में ड्रग तस्करों की कृषि भूमि, मकान, दुकानें, वाहन और बैंक खातों पर कार्रवाई हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार केवल प्रमुख मामलों में ही 7.5 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।
प्रमुख तथ्य
■ 32 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त/कुर्क।
■ 220 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां पुलिस के निशाने पर।
■ ड्रग तस्करों के खिलाफ 7.5 करोड़ रुपये से अधिक की कार्रवाई।
■ बेनामी संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच जारी।
■ अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने पर फोकस।