उदयपुर, 15 अप्रैल: उदयपुर में होटल संगठनों ने ई-विजिटर पोर्टल की अनिवार्यता के विरोध में शासन सचिव, गृह (विधि) को ज्ञापन सौंपते हुए इस प्रक्रिया को जटिल और अव्यवहारिक बताया है। ज्ञापन की प्रतियां राजस्थान पुलिस के महानिदेशक, एससीआरबी, पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर, जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर को भी भेजी गई हैं।
पहले से मौजूद व्यवस्था का हवाला
संगठनों ने बताया कि होटलों में पहले से ही डी-फॉर्म और रजिस्टर के माध्यम से अतिथियों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है, जिसमें पहचान पत्र सहित सभी जरूरी जानकारी सुरक्षित रहती है। आवश्यकता पड़ने पर यह डेटा तुरंत पुलिस को उपलब्ध कराया जाता है।
तकनीकी दिक्कतों का मुद्दा
प्रतिनिधियों के अनुसार ई-विजिटर पोर्टल की अनिवार्यता से कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आ रही हैं, जैसे इंटरनेट कनेक्टिविटी की कमी, प्रशिक्षित स्टाफ का अभाव और 24 घंटे संचालन की बाध्यता। इससे होटल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।
पर्यटन पर असर की आशंका
संगठनों ने कहा कि Ease of Doing Business को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम बाधक साबित हो सकता है। उनका मानना है कि राजस्थान जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में इस तरह की जटिल प्रक्रिया पर्यटकों की संख्या को भी प्रभावित कर सकती है।
पुनर्विचार की मांग
होटल संगठनों ने सरकार से मांग की है कि ई-विजिटर पोर्टल की अनिवार्यता पर पुनर्विचार कर राहत दी जाए, ताकि पर्यटन उद्योग और होटल व्यवसाय सुचारू रूप से संचालित हो सके।