खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई जारी, अनियमितता मिलने पर नोटिस की तैयारी
उदयपुर, 25 अप्रैल: गर्मी और शादी-विवाह के सीजन में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट रोकने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। ‘शुद्ध आहार मिलावट पर वार’ अभियान के तहत शुक्रवार को उदयपुर शहर में मटका कुल्फी और आइसकैंडी के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक आदित्य के निर्देशन में चल रही इस कार्रवाई के तहत खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र सिंह चौहान ने माली कॉलोनी से मटका कुल्फी तथा गारियावास से आइसकैंडी के नमूने लिए। निरीक्षण के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों पर कई अनियमितताएं पाई गईं। यहां फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड, फूड हैंडलर्स की मेडिकल रिपोर्ट तथा पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। इन कमियों पर संबंधित फर्म संचालकों को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा।
प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने फल-सब्जी विक्रेताओं को भी कार्बाइड से फल न पकाने और केवल अनुमोदित एथिलीन के उपयोग के निर्देश दिए हैं।
सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने कहा कि जिले में निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। खाद्य कारोबारियों से स्वच्छता, गुणवत्ता और वैध लाइसेंस का पालन करने की अपील की गई है। आमजन से भी खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग अवधि और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जांचने तथा मिलावट की आशंका होने पर 181 या कंट्रोल रूम में शिकायत करने का आग्रह किया गया है।