बारिश का कहर: कहीं स्कूल की छत ढही, कहीं नाले में बहा मजदूर

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डूंगरपुर में बिजली गिरने से जर्जर भवन क्षतिग्रस्त, प्रतापगढ़ में तेज बहाव ने ली युवक की जान
उदयपुर/डूंगरपुर/प्रतापगढ़, 3 अगस्त:
मेवाड़ में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन पर असर डालना शुरू कर दिया है। डूंगरपुर में आकाशीय बिजली गिरने से सरकारी स्कूल के जर्जर कमरे की छत और दीवार ढह गई, जबकि प्रतापगढ़ में बरसाती नाला पार करते समय एक युवक तेज बहाव में बह गया, जिसका शव सोमवार को बरामद किया गया।
डूंगरपुर जिले के बिछीवाड़ा क्षेत्र स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, धामोद में रविवार रात बिजली गिरने से चार साल से जर्जर पड़े एक कमरे की छत और पीछे की दीवार भरभराकर गिर गई। घटना रात में होने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि हादसा स्कूल समय में होता तो बड़ा नुकसान हो सकता था। विद्यालय में 253 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और घटना के बाद अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
प्रधानाचार्य किशोर डोडा ने बताया कि विद्यालय के चार कमरे लंबे समय से जर्जर होने के कारण बंद हैं, जबकि तीन अन्य कमरों की स्थिति भी खराब है। कुल 11 कमरों में से केवल आठ ही उपयोग योग्य हैं। कमरों की कमी के चलते पहली से पांचवीं तक के बच्चों को एक साथ बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ रही है। नए कमरों के निर्माण का प्रस्ताव विभाग को भेजा जा चुका है।
उधर, प्रतापगढ़ जिले के सुहागपुरा थाना क्षेत्र के सात सज्जिया गांव निवासी नंदलाल मीणा (25) की बरसाती नाला पार करते समय डूबने से मौत हो गई। वह 1 अगस्त की शाम मजदूरी कर घर लौट रहे थे। घर से करीब आधा किलोमीटर पहले तेज बहाव वाले नाले को पार करते समय संतुलन बिगड़ने से बह गए।
सूचना पर पुलिस और स्थानीय लोगों ने तलाश शुरू की, लेकिन रात और तेज बहाव के कारण अभियान रोकना पड़ा। सोमवार सुबह आपदा प्रबंधन टीम की मदद से दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें नाले की झाड़ियों में फंसा उनका शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। लगातार बारिश के बीच दोनों घटनाओं ने एक बार फिर सुरक्षा और सतर्कता की जरूरत को रेखांकित किया है।