उदयपुर, 27 अप्रैल: गोरक्षा कानून और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर सोमवार को उदयपुर जिला मुख्यालय सहित संभाग के से जिलों में संतों व गौ-भक्तों ने जोरदार प्रदर्शन किए। भजन-कीर्तन और नारों के बीच निकाली गई रैलियों में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग उठाई गई।
उदयपुर में रैली टाउन हॉल से शुरू होकर देहलीगेट होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। रास्ते में श्रद्धालु ढोल-मंजीरों के साथ भजन गाते रहे और गाय की प्रतीकात्मक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। कलेक्ट्रेट पहुंचकर गोवंश तस्करी रोकने, गोशालाओं को मजबूत करने और पशुशालाओं की स्थिति सुधारने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। महामंडलेश्वर साध्वी ईश्वरी नंद गिरी ने कहा कि गोहत्या पर प्रतिबंध का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ, इसलिए संत समाज को आंदोलन के लिए आगे आना पड़ा है।
वहीं, उदयपुर के झाड़ोल में भी संत गुलाबदास के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर उपखंड कार्यालय में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान हरि कीर्तन और सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया।
चित्तौड़गढ़ में सुभाष चौक से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली गई, जिसमें संतों और श्रद्धालुओं ने गौ माता को राष्ट्रीय दर्जा देने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की। संतों ने चेतावनी दी कि 27 जुलाई को दोबारा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। यदि तब भी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन और अनशन किया जाएगा। संतों ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है और इसके लिए सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।