उदयपुर में बोलीं- घोटाले पर शीर्ष पदाधिकारियों की जवाबदेही तय हो, वन अधिकार और मनरेगा पर भी सरकार को घेरा
उदयपुर, 28 जून: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य एवं पूर्व सांसद बृंदा करात ने राम मंदिर ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए ट्रस्ट को भंग कर जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। माछला मंगरा स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यदि करोड़ों रुपये, सोना-चांदी और अन्य संपत्तियों से जुड़े घोटाले के आरोप सामने आए हैं तो केवल वाहन चालक और क्लर्क पर एफआईआर दर्ज कर मामले को दबाया नहीं जा सकता। ट्रस्ट के अध्यक्ष, सचिव और अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
बृंदा करात ने कहा कि राजस्थान में वन अधिकार कानून का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो रहा है और आदिवासियों को उनकी भूमि के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उदयपुर जिले में 22 हजार से अधिक दावों में केवल 43 प्रतिशत पर ही कार्रवाई हुई है। उन्होंने आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी। विदेश नीति पर उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमेरिका और इजरायल के प्रभाव में काम कर रही है। साथ ही ग्रेट निकोबार द्वीप में पर्यावरणीय क्षति और मनरेगा व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। कार्यक्रम की शुरुआत माकपा जिला सचिव एवं पूर्व पार्षद एडवोकेट राजेश सिंह ने की। इस दौरान निर्माण मजदूर एकता यूनियन के अध्यक्ष शमशेर खान, आदिवासी जनाधिकार एका मंच के सचिव श्रवण तथा वरिष्ठ पत्रकार प्रो. हेमेंद्र चंडालिया भी मौजूद रहे।