उदयपुर-अहमदाबाद मार्ग पर तेज गति की ट्रेन के संचालन से पहले सुरक्षा इंतजाम जरूरी
उदयपुर, 21 जनवरी: उदयपुर-अहमदाबाद के बीच वंदे भारत ट्रेन शुरू करने की चर्चाएं तेज हैं, लेकिन रेल विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने सुरक्षा इंतजामों को प्राथमिकता देने की चेतावनी दी है। बीते डेढ़ साल में ही इस मार्ग पर आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं, जिनमें मवेशियों के ट्रेक पर टकराना, पथराव, और पुल पर विस्फोटक जैसी गंभीर घटनाएं शामिल हैं।
वर्तमान में उदयपुर से असारवा तक करीब आधा दर्जन यात्री रेलगाड़ियां चल रही हैं। अहमदाबाद के कालूपुर स्टेशन पर निर्माण कार्य चलने के कारण कई ट्रेनें असावरा तक ही सीमित हैं। रेलवे विभाग में वंदे भारत ट्रेन के रैक और शेड्यूल की चर्चा हो रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण परिचालन जोखिमपूर्ण माना जा रहा है।
रेल विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गति वाली ट्रेन के लिए ट्रैक के दोनों तरफ मजबूत फैंसिंग जरूरी है। हालांकि, उदयपुर-चित्तौड़गढ़ मार्ग पर कुछ ही जगहों पर फैंसिंग की गई है, जबकि चित्तौड़गढ़ से जयपुर तक अस्थायी बांस की फैंसिंग की गई है, जिसे स्थानीय लोग कई स्थानों पर तोड़ देते हैं। जावरमाइंस के पास नाबालिगों द्वारा पथराव और उमरड़ा के पास पुल पर विस्फोटक लगाना जैसी घटनाएं सुरक्षा की चिंताओं को और बढ़ा देती हैं।
रेल विशेषज्ञों का निष्कर्ष है कि बिना पूर्ण सुरक्षा इंतजाम के अहमदाबाद वंदे भारत ट्रेन का परिचालन यात्रियों के जीवन के लिए गंभीर खतरा हो सकता है। रेलवे कर्मियों के अनुसार, तेज गति वाली इस ट्रेन को शुरू करने से पहले आवश्यक सुरक्षा उपकरण, मजबूत फैंसिंग और सतर्क निगरानी अनिवार्य हैं।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बांसवाड़ा में शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल हरी झंडी दिखाने की संभावना है।