भारत सरकार ने सातवें बैच में किया नामांकन, 30 जुलाई को सावन के पहले दिन होंगे कैलाश दर्शन
उदयपुर, 12 जुलाई: मेवाड़ के प्रसिद्ध चित्रकार और ‘भारत के ब्लू पेंटर’ के नाम से विख्यात शरद भारद्वाज का वर्ष 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए चयन हुआ है। भारत सरकार ने उन्हें सातवें बैच में नामांकित किया है। यह यात्रा 16 जुलाई से 7 अगस्त तक चीन स्थित कैलाश मानसरोवर के लिए आयोजित की जाएगी।
इस वर्ष मेवाड़-उदयपुर से चयनित होने वाले यात्रियों में शरद भारद्वाज पहले यात्री हैं, जिन्हें 30 जुलाई, सावन के पहले दिन कैलाश मानसरोवर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा। इस वर्ष भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की ओर से कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के माध्यम से देशभर से कुल 1,000 श्रद्धालुओं का चयन किया गया है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार कैलाश पर्वत भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। शरद भारद्वाज न केवल एक ख्यातनाम चित्रकार हैं, बल्कि उनकी चित्रकला प्रदर्शनियां देश-विदेश में आयोजित हो चुकी हैं। कला जगत में उन्हें ‘भारत के ब्लू पेंटर’ के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है।
शरद भारद्वाज की प्रमुख उपलब्धियां
‘भारत के ब्लू पेंटर’ के नाम से राष्ट्रीय पहचान
चित्रकला की प्रदर्शनियां देश-विदेश में आयोजित
दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज नाम
महाकुंभ प्रयागराज में मेवाड़ से पहुंचने वाले पहले यात्री रहे
वर्ष 2026 की कैलाश मानसरोवर यात्रा के सातवें बैच में चयनित
सावन के पहले दिन, 30 जुलाई को कैलाश दर्शन का सौभाग्य प्राप्त करेंगे।