उदयपुर, 6 अप्रैल: शहर के श्री सनातन धर्म मंदिर शक्तिनगर में सिंधी भाषा एवं संस्कृति मान्यता दिवस मनाने को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भारतीय सिंधु सभा की कोर कमेटी की बैठक संरक्षक नानकराम कस्तूरी की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें 12 अप्रैल रविवार को सुबह 10:30 बजे कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
गीत-नृत्य से सजेगा ‘सिंधियत’ का रंग
सभा अध्यक्ष गुरमुख कस्तूरी और महामंत्री विजय आहुजा ने बताया कि कार्यक्रम में सिंधी गीत, लाढ़े, नाटक और नृत्य के माध्यम से सिंधियत की झलक प्रस्तुत की जाएगी। आयोजन में विभिन्न संस्थाओं का सहयोग रहेगा और पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आएगा।
भाषा और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि 1967 में सिंधी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया गया था, जो समाज के लिए गौरव की बात है। साथ ही युवाओं को अपनी भाषा और परंपरा से जोड़ने पर जोर दिया गया।
बच्चों के लिए विशेष कक्षाएं भी
सभा पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष ग्रीष्मकालीन अवकाश में बच्चों के लिए 30 दिवसीय सिंधी भाषा एवं संस्कृति कक्षाएं भी आयोजित की जाती हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ा जा सके।