2 करोड़ की रिश्वत का आरोपी एसओजी एएसपी मुकेश सोनी निलंबित

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272 भूखंड मामले में बिचौलिए के जरिए रिश्वत मांगने का आरोप; एसीबी की रिपोर्ट पर गृह विभाग की कार्रवाई, 27 सितंबर से प्रभावी माना निलंबन
उदयपुर, 6 अक्टूबर:
उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़े कथित 2 करोड़ रुपए के रिश्वत मामले में गिरफ्तार एसओजी के एएसपी मुकेश कुमार सोनी को राजस्थान सरकार ने निलंबित कर दिया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट के आधार पर गृह विभाग ने कार्रवाई की है। सोनी का निलंबन 27 सितंबर से प्रभावी माना गया है। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
आरोप है कि 272 भूखंडों से जुड़े मामले में आरोपियों को राहत दिलाने, मामले में अंतिम रिपोर्ट पेश करने और जब्त सामान लौटाने के बदले 2 करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। एसीबी ने 26 सितंबर को कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन उर्फ टाटला को 2 करोड़ रुपए लेते गिरफ्तार किया था। इसके अगले दिन एएसपी मुकेश सोनी को भी गिरफ्तार किया गया।
तीन दिन रिकॉर्डिंग से सत्यापन का दावा
एसीबी के अनुसार शिकायत मिलने के बाद तीन दिनों तक डिजिटल रिकॉर्डिंग के जरिए कथित रिश्वत की मांग का सत्यापन किया गया। जांच में शिकायतकर्ता निरंजन मोगरा और सोनी के बीच कथित बातचीत से जुड़े डिजिटल साक्ष्य तथा दो व्हाट्सऐप कॉल सामने आने की बात कही गई है। 23 सितंबर को रानी रोड पर प्रस्तावित बैठक का समय तीन बार बदला गया। बाद में सोनी शाम करीब 6.30 बजे वहां पहुंचे। एसीबी के अनुसार सोनी ने कथित रकम की जानकारी मोबाइल पर टाइप कर दी।
कार्यालय से 41 भूखंडों की फाइलें मिलीं
जांच के दौरान एसीबी ने सोनी के कार्यालय से 41 भूखंडों से संबंधित फाइलें बरामद कीं। इनमें नगर निगम से जुड़े भूखंडों के दस्तावेज बताए गए हैं। कई दस्तावेजों पर यूडीए की मुहर और हस्ताक्षर मिले हैं। एसीबी अब इन मुहरों और हस्ताक्षरों की वास्तविकता की जांच कर रही है। कुछ फाइलों में भूखंड नंबर बदले हुए तथा बाद में तैयार किए गए दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई है।
2022 में दर्ज हुई थी एफआईआर
पूरा मामला उदयपुर के 272 भूखंडों से जुड़े विवाद से संबंधित है। आरोप है कि खाली और निरस्त भूखंडों के फर्जी दस्तावेज और लीज डीड तैयार कर स्वामित्व रिकॉर्ड में बदलाव कराया गया और बाद में भूखंडों का कथित रूप से बेचान किया गया। इस संबंध में वर्ष 2022 में सूरजपोल थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच के बाद नगर निगम ने 48 लीज डीड रद्द की थीं। इसी मामले में एसओजी ने पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी हेमलता कंकरिया और उनके पति निरंजन मोगरा को भी गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान मोगरा के घर से करीब दो किलो सोने के आभूषण और 11 लाख रुपए नकद बरामद होने की बात सामने आई थी। अब एएसपी सोनी के निलंबन के साथ मामले में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।