डूंगरपुर में स्वच्छता पर सख्ती: 80 वीडीओ को नोटिस, 30 को चार्जशीट

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लापरवाही पर कड़ा एक्शन, एक अधिकारी निलंबित; 110 ग्राम पंचायतों में मिली खामियां
उदयपुर/डूंगरपुर, 13 अप्रैल:
जिले में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। गांवों में साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर ग्राम विकास अधिकारियों के खिलाफ व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई है। इस कदम से पंचायत स्तर पर कार्यरत अधिकारियों में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि लापरवाही अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विशेष स्वच्छता अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में जिले की 110 ग्राम पंचायतों में व्यवस्थाएं खराब पाई गईं। जांच में सामने आया कि कई स्थानों पर नियमित सफाई नहीं हो रही थी, कचरा संग्रहण की व्यवस्था कमजोर थी और सामुदायिक शौचालयों का रखरखाव भी संतोषजनक नहीं था। सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी और अव्यवस्था के चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाते हुए 80 ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा 30 अधिकारियों को चार्जशीट दी गई है, जबकि लगातार लापरवाही के चलते एक ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार लाएं, अन्यथा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हर माह चलेगा विशेष स्वच्छता अभियान
मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर नियमित रूप से अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रत्येक माह के पहले और तीसरे सप्ताह में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया जाता है, जिसमें मुख्य मार्गों, बाजारों, बस स्टैंड, सार्वजनिक स्थलों और पर्यटक स्थलों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन और लिगेसी वेस्ट हटाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
औचक निरीक्षण से बढ़ी जवाबदेही
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़िया ने बताया कि औचक निरीक्षण के जरिए पंचायतों में कार्यों की निगरानी की जा रही है। हाल ही में हिराता, पारडा मोरू, आंतरी, झोंथरी और गैंजी ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया गया, जहां खामियां मिलने पर तुरंत कार्रवाई की गई।