फ्रैक्चर के बावजूद दूसरे शिक्षक की चुनाव ड्यूटी; प्रशिक्षण के दौरान दो मामले आए सामने
डूंगरपुर, 21 अक्टूबर: डूंगरपुर में मतदान दलों के अंतिम प्रशिक्षण के दौरान एक शिक्षक को मिर्गी का दौरा पड़ने से वे मुंह के बल गिरकर घायल हो गए। एंबुलेंस पहुंचने में करीब 20 मिनट की देरी की बात सामने आई, जिसके बाद उन्हें तहसीलदार की गाड़ी से अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, हाथ में फ्रैक्चर होने के बावजूद दूसरे शिक्षक की चुनाव ड्यूटी निरस्त नहीं होने का मामला भी सामने आया।
जिले की सात पंचायत समितियों में पहले चरण के मतदान की तैयारियों के तहत बुधवार को एसबीपी कॉलेज ग्राउंड में अंतिम प्रशिक्षण हुआ। चुनाव सामग्री लेते समय एमजीजीएस गेजी के शिक्षक जितेंद्र ननोंमा को दौरा पड़ा। गिरने से उनके नाक-मुंह पर चोट लगी और खून बहने लगा। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें संभाला। बाद में तहसीलदार की जीप से अस्पताल भेजा गया और उनकी चुनाव ड्यूटी निरस्त कर दी गई।
इसी प्रशिक्षण में साबला ब्लॉक के सुखवेरा प्राथमिक स्कूल के शिक्षक राजदीप सिंह चौहान प्लास्टर चढ़े हाथ और गले में पट्टा बांधे बैठे थे। 15 सितंबर को सड़क दुर्घटना में उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया था और ऑपरेशन के बाद प्लेट डाली गई थी। राजदीप सिंह के अनुसार, उन्होंने 17 अक्टूबर को चिकित्सकीय दस्तावेज दिखाकर एडीएम से ड्यूटी निरस्त करने की मांग की थी, लेकिन राहत नहीं मिली। ऐसे में उन्हें चोट के बावजूद प्रशिक्षण में पहुंचना पड़ा।
व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
दोनों मामलों ने चुनाव ड्यूटी के दौरान आपात चिकित्सा सहायता और बीमार कर्मचारियों को राहत देने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।