बालोटिया परिवार ने बेटी के विवाह को बनाया यादगार

Share

गौशाला में लिए फेरे, गौमाता को लगाया छप्पन भोग; सांवलिया सेठ को चढ़ाया विशेष प्रसाद
विवेक शर्मा
मंडफिया, 20 अप्रैल
: मंडफिया के बालोटिया परिवार ने अपनी पुत्री के विवाह को अनूठी धार्मिक परंपरा और गौसेवा से जोड़कर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। विवाह के अवसर पर परिवार ने जहां भगवान श्री सांवलिया जी सेठ को छप्पन भोग अर्पित किया, वहीं नवविवाहित जोड़े ने गौशाला में फेरे लेकर गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गौमाताओं को भी छप्पन भोग समर्पित किया।
जानकारी के अनुसार मंडफिया सांवलियाजी निवासी राजेंद्र कुमार शर्मा (बालोटिया) ने अपनी पुत्री के शुभ विवाह की खुशी में भगवान श्री सांवलिया जी सेठ को विभिन्न प्रकार की मिठाइयों, सूखे मेवों और ताजे फलों से सजा भव्य छप्पन भोग अर्पित किया। इसके साथ भगवान को चांदी का सिंहासन, नई पोशाक और नोटों की माला भी भेंट की गई।
इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत राजेंद्र कुमार शर्मा के निवास से बैंड-बाजों के साथ भव्य छप्पन भोग जुलूस के रूप में हुई, जो कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ मंदिर पहुंचा। मंदिर में पुजारियों द्वारा भगवान को विधिवत भोग अर्पित किया गया और इसके बाद प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया।
गौशाला में फेरे लेकर निभाई गौसेवा की परंपरा
विवाह समारोह का दूसरा और सबसे विशेष आयोजन चिकारड़ा गांव स्थित गौशाला में किया गया, जहां नवविवाहित वर-वधू ने गौमाता की साक्षी में फेरे लिए। इस अवसर पर दोनों ने गौमाता का आशीर्वाद लिया और विवाह के बाद गौमाताओं को विशेष छप्पन भोग समर्पित किया। गायों को हरा चारा, हरी सब्जियां, ताजे फल, सूखे मेवे और मिठाइयों सहित विविध व्यंजनों का छप्पन भोग खिलाया गया। इस भावपूर्ण आयोजन में बालोटिया परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे और गौसेवा की इस अनूठी परंपरा को श्रद्धा के साथ निभाया।
यह विवाह समारोह न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे गया कि जीवन के शुभ अवसरों को सेवा, संस्कार और गौभक्ति से जोड़कर उन्हें और अधिक सार्थक बनाया जा सकता है।