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चित्तौड़गढ़, 31 जनवरी: चित्तौड़गढ़ जिला कलेक्टर आलोक रंजन शनिवार को वेटरनरी हॉस्पिटल के निरीक्षण पर पहुंचे तो परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्थाओं को देखकर नाराज हो गए। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यह पशुओं के इलाज का स्थान है, यहां गंदगी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगली बार यदि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी पाई गई। इस पर कलेक्टर ने कहा कि गंदे वातावरण में इलाज करने से संक्रमण फैलने का खतरा रहता है, जिससे बीमार पशुओं की स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता किसी भी अस्पताल में इलाज की पहली शर्त होती है, चाहे वह मनुष्यों का हो या पशुओं का।
कलेक्टर ने अधिकारियों से उनकी उपस्थिति को लेकर भी सवाल किए और साफ कहा कि नियमित निगरानी और जिम्मेदारी से ही व्यवस्थाएं सुधर सकती हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर की रोजाना सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पशुपालकों को भी बेहतर माहौल मिल सके।
निरीक्षण के दौरान जब कलेक्टर अस्पताल कार्यालय पहुंचे तो वहां भी अव्यवस्था देखने को मिली। फाइलें बिखरी हुई थीं और साफ-सफाई का अभाव था। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कार्यालय में अव्यवस्था से कामकाज प्रभावित होता है और जरूरी रिकॉर्ड समय पर नहीं मिल पाते, जिससे आमजन और पशुपालकों को परेशानी होती है। उन्होंने सभी फाइलों को व्यवस्थित रखने और कार्यालय को स्वच्छ बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद कलेक्टर ने उपस्थिति रजिस्टर, ड्रेसिंग रूम, स्टोर रूम और कार्यालय पोर्च का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों की समयपालन स्थिति की जांच की तथा निर्देश दिए कि इलाज में उपयोग होने वाले उपकरणों की नियमित साफ-सफाई और रख-रखाव किया जाए। स्टोर रूम में रखी सामग्री को भी सुव्यवस्थित रखने के आदेश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कलेक्टर के पहुंचते ही आनन-फानन में सफाई शुरू कर दी गई। इस पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि सफाई केवल निरीक्षण के समय नहीं, बल्कि प्रतिदिन होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहने और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी।