27 फीट लंबी कलाकृति में 12 महीनों की प्रकृति और श्रीनाथजी की सेवा परंपरा का चित्रण
उदयपुर, 28 अक्टूबर: नाथद्वारा की भक्ति परंपरा, मेवाड़ के बदलते ऋतुचक्र और पारंपरिक छपाई कला को एक साथ पिरोती विशिष्ट कलाकृति ‘सुदर्शन’ 28 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रदर्शित की जा रही है। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन ने ‘आवरण’ के सहयोग से तैयार इस कलाकृति के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को कलात्मक अभिव्यक्ति दी है।
27 फीट लंबी यह कलाकृति 12 पैनलों में तैयार की गई है, जो कुल 108 वर्गफीट में फैली है। इसमें हिंदू पंचांग के 12 महीनों को माघ से आरंभ करते हुए बदलते मौसम, प्राकृतिक परिदृश्यों और भक्ति की लय को दर्शाया गया है। पारंपरिक डाबू छपाई और प्राकृतिक नील रंगाई से सजी इस रचना के केंद्र में गोवर्धन पर्वत को आश्रय, संरक्षण और दिव्य उपस्थिति के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने कहा कि पारंपरिक कलाओं का संरक्षण भावी पीढ़ियों तक सांस्कृतिक विरासत पहुंचाने का माध्यम है। ऐसी प्रस्तुतियां शिल्पकारों के कौशल को सम्मान देने और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता और ‘आवरण’ की अल्का शर्मा ने भी कलाकृति के सांस्कृतिक एवं कलात्मक पक्षों को रेखांकित किया। प्रस्तुति के माध्यम से सिटी पैलेस संग्रहालय और ‘आवरण’ ने पारंपरिक शिल्पज्ञान तथा समकालीन कलात्मक दृष्टि के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है।