नई दिल्ली, 16 अक्टूबर: भारत सरकार के रजिस्ट्रार जनरल ने जनगणना 2027 के पहले प्री-टेस्ट की घोषणा की है। यह टेस्ट हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस पर केंद्रित होगा और देश के सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में 10 से 30 नवंबर तक चलेगा।
प्री-टेस्ट का उद्देश्य डेटा संग्रह के तरीकों, लॉजिस्टिक्स, ट्रेनिंग और डिजिटल टूल्स की जांच करना है। इसमें मोबाइल ऐप से डेटा कलेक्शन और सेल्फ-एन्यूमरेशन का परीक्षण भी शामिल होगा, ताकि फील्ड में आने वाली चुनौतियों का पूर्वाभ्यास किया जा सके।जून 2025 में गृह मंत्रालय ने जनगणना के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके अनुसार, जनगणना दो चरणों में होगी। पहला चरण 1 अक्टूबर 2026 से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में शुरू होगा, जबकि दूसरा चरण 1 मार्च 2027 से देश के बाकी हिस्सों में चलेगा।30 अप्रैल 2025 को केंद्र ने पहली जातीय जनगणना कराने की घोषणा की थी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जातीय जनगणना मूल जनगणना के साथ ही आयोजित होगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, जिसे हर 10 साल में कराया जाता है, लेकिन 2021 की जनगणना कोविड-19 के कारण टली थी।