सीकर को स्वच्छता का मॉडल बनाने का लक्ष्य, जनभागीदारी से ही संभव स्थायी बदलाव : के.के. गुप्ता

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सीकर, 21 अप्रैल:
स्वच्छ भारत मिशन (शहर) के तहत सीकर को स्वच्छता का मॉडल शहर बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्ट्री सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रदेश ब्रांड एंबेसडर के.के. गुप्ता ने स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा और संस्कारों की नगरी सीकर को स्वच्छता के क्षेत्र में भी आदर्श बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यशाला में जिले के सभी नगर निकायों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता अभियानों, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी से जुड़े प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की।
गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। जब तक समाज के सभी वर्ग इसमें सक्रिय भागीदारी नहीं निभाएंगे, तब तक स्थायी स्वच्छता संभव नहीं है। उन्होंने गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने की आदत विकसित करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और कपड़े या जूट के थैले अपनाने की अपील की।
उन्होंने स्वच्छता को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए कहा कि साफ-सफाई से बीमारियों पर नियंत्रण संभव है। गंदगी से मच्छरजनित और संक्रामक रोग फैलते हैं, इसलिए सफाई को दिनचर्या का हिस्सा बनाना आवश्यक है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।
गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में स्वच्छता को लेकर सख्त मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रत्येक निकाय के कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है और लापरवाही पर कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश हैं। उन्होंने कहा कि शेखावाटी अंचल को स्वच्छता में सर्वश्रेष्ठ बनाकर मुख्यमंत्री के संकल्प को साकार किया जाएगा।
उन्होंने निकायों के कार्यों को ए, बी, सी और डी श्रेणियों में विभाजित करते हुए बेहतर प्रदर्शन करने वालों की सराहना और कमजोर प्रदर्शन करने वालों को सुधार की चेतावनी देने की बात कही।
कार्यशाला में स्वच्छता सुधार के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष फोकस करने की बात कही गई, जिनमें घर-घर कचरा संग्रहण, रात्रिकालीन सफाई, सार्वजनिक शौचालयों की नियमित सफाई, प्लास्टिक पर नियंत्रण और खाली प्लॉट्स की साफ-सफाई शामिल हैं। इसके साथ ही शहर में स्ट्रीट लाइट, पार्कों की देखरेख, निर्माण सामग्री का व्यवस्थित प्रबंधन और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में नगर परिषद सीकर, फतेहपुर सहित लक्ष्मणगढ़, रामगढ़ शेखावाटी, खाटूश्यामजी, रिंगस, दांता, लोसल और खंडेला के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।