उदयपुर में फिर सजेगा सुरों का महाकुंभ

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27 से महाराणा कुम्भा संगीत समारोह तीन दिन शास्त्रीय संगीत, वादन और नृत्य की अनूठी प्रस्तुतियां, देशभर के ख्यातनाम कलाकार होंगे शामिल
उदयपुर, 26 मार्च
: झीलों की नगरी उदयपुर एक बार फिर सुर, ताल और नृत्य की मधुर अनुगूंज से सराबोर होने जा रही है। संगीत और संस्कृति के संगम का प्रतीक 63वां महाराणा कुम्भा संगीत समारोह 27 से 29 मार्च तक रेलवे ट्रेनिंग स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित होगा। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेंगे।
27 मार्च: शास्त्रीय गायन और बांसुरी वादन से होगा आगाज़ समिति अध्यक्ष डॉ. प्रेम भंडारी ने बताया कि समारोह भारतीय सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आगे बढ़ाने का सशक्त मंच है। पहले दिन सुप्रसिद्ध गायिका डॉ. चेतना पाठक शाम 7:30 से 8:30 बजे तक वोकल क्लासिकल गायन प्रस्तुत करेंगी। इसके पश्चात विख्यात बांसुरी वादक परस नाथ अपनी मधुर धुनों से वातावरण को सुरमय बनाएंगे।
28 मार्च: जुगलबंदी और वाद्य संगीत का आकर्षण समिति कार्यकारी अध्यक्ष सुशील दशोरा के अनुसार दूसरे दिन कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अविनाश कुमार एवं डॉ. रिंदाना रहस्या की जसरंग शैली में जुगलबंदी से होगी। इसके बाद सिवरामकृष्णा राव और कल्पना किशोर सितार एवं वायलिन वादन की मनमोहक प्रस्तुति देंगे, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
29 मार्च: नृत्य प्रस्तुतियों के साथ भव्य समापन समिति सचिव मनोज मोर्दिया ने बताया कि अंतिम दिन ओडिसी नृत्यांगना वाणी माधव अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति देंगी। इसके पश्चात विश्वदीप ग्रुप द्वारा कथक नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके साथ समारोह का भव्य समापन होगा।
सभी के लिए खुला है आयोजन
समिति उपाध्यक्ष डॉ. पुष्पा कोठारी एवं डॉ. डी.एस. हिरण शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भारतीय शास्त्रीय कला का आनंद लेने का आग्रह किया है। कार्यक्रम में प्रवेश सभी के लिए खुला रहेगा और आयोजन प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से प्रारंभ होगा।