ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल से उदयपुर में माल परिवहन ठप, करोड़ों का कारोबार प्रभावित

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उदयपुर, 13 जुलाई: विभिन्न मांगों को लेकर ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का असर रविवार को उदयपुर में भी दिखाई दिया। शहर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से माल की ढुलाई लगभग ठप रही, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं। ट्रकों के पहिए थमने से सीमेंट, मार्बल, ग्रेनाइट, कृषि उत्पाद, निर्माण सामग्री और उपभोक्ता वस्तुओं की सप्लाई पर असर पड़ा। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि एक दिन की हड़ताल से 500 ट्रांसपोर्टर शामिल हुए और करीब 100 करोड़ रुपए के कारोबार पर प्रभाव पड़ा है।
माल की आवाजाही रुकी, व्यापारियों की बढ़ी चिंता
हड़ताल के चलते ट्रांसपोर्ट नगर और प्रमुख माल गोदामों में ट्रक खड़े रहे। कई व्यापारियों को समय पर माल नहीं मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं बाहर भेजा जाने वाला सामान भी अटक गया। औद्योगिक इकाइयों ने आशंका जताई कि हड़ताल लंबी खिंचने पर उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला पर व्यापक असर पड़ सकता है।
प्रतिदिन करोड़ों का होता है कारोबार
उदयपुर संभाग से प्रतिदिन मार्बल, ग्रेनाइट, खनिज, कृषि उत्पाद और उपभोक्ता सामग्री की बड़ी मात्रा में ढुलाई होती है। ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार, हड़ताल के कारण एक दिन में अनुमानित 20 करोड़ रुपए तक के कारोबार पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष असर पड़ा है। हालांकि वास्तविक नुकसान का आकलन हड़ताल समाप्त होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
क्या हैं ट्रांसपोर्टरों की मांगें?
ट्रांसपोर्टरों ने विभिन्न कर संबंधी प्रावधानों में राहत, परिचालन लागत में कमी, डीजल कीमतों और परिवहन से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों के समाधान की मांग उठाई है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होने तक आंदोलन की रणनीति पर आगे विचार किया जाएगा।