उदयपुर-डूंगरपुर-बांसवाड़ा में कांग्रेस सड़कों पर उतरी; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, रैली और प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाया
उदयपुर/डूंगरपुर/बांसवाड़ा, 12 अगस्त (फूलशंकर डामोर): मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर आदिवासी बहुल दक्षिण राजस्थान में कांग्रेस ने बुधवार को मोर्चा खोल दिया। उदयपुर में जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जबकि डूंगरपुर में बारिश के बीच बाइक रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया। बांसवाड़ा में आदिवासी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मानगढ़ की शहादत को राष्ट्रीय सम्मान दिलाना आदिवासी समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग है।
उदयपुर में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
उदयपुर में आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष रवि भावा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर 17 नवंबर 1913 के मानगढ़ शहीदों को राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग की। नेताओं ने कहा कि गोविंद गुरु के नेतृत्व में जुटे आदिवासियों पर ब्रिटिश सेना ने गोलीबारी की थी, जिसमें करीब 1500 आदिवासियों के शहीद होने का उल्लेख मिलता है।
रवि भावा ने कहा कि मानगढ़ धार्मिक या पर्यटन स्थल भर नहीं, बल्कि आदिवासी संघर्ष, बलिदान और स्वाभिमान की ऐतिहासिक भूमि है।
डूंगरपुर में बारिश के बीच बाइक रैली
डूंगरपुर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं विधायक गणेश घोघरा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की। एडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से उनके विश्व आदिवासी दिवस संबंधी बयान पर माफी मांगने की मांग की गई।
बांसवाड़ा में टायर जलाकर प्रदर्शन
बांसवाड़ा में आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश निनामा के नेतृत्व में मोहन कॉलोनी चौराहे पर टायर जलाए गए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मानगढ़ धाम आदिवासी समाज की ऐतिहासिक और भावनात्मक आस्था का केंद्र है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
केंद्र के बयान पर जताई नाराजगी
कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के संसद में दिए उस बयान पर भी नाराजगी जताई, जिसमें मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं होने की बात कही गई थी। नेताओं ने कहा कि सरकार को अब स्पष्ट निर्णय लेकर मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देना चाहिए।