बेणेश्वर धाम पर 58.70 करोड़ और मानगढ़ धाम पर 14.74 करोड़ खर्च; प्राकृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी
उदयपुर, 11 अगस्त: मेवाड़-वागड़ के आदिवासी अंचलों में पर्यटन और विकास को नई दिशा देने के लिए राजस्थान सरकार ‘टूरिज्म इन ट्राइब्स’ योजना के तहत करीब 165 करोड़ रुपए खर्च करेगी। योजना के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों की प्राकृतिक संपदा, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बेणेश्वर और मानगढ़ को विशेष प्राथमिकता
ट्राइबल टूरिज्म सर्किट के तहत डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम के विकास पर 58.70 करोड़ रुपए तथा बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम पर 14.74 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा चित्तौड़गढ़ के मातृकुंडिया, प्रतापगढ़ के सीतामाता अभयारण्य एवं गौतमेश्वर महादेव मंदिर, बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर और उदयपुर के ऋषभदेव मंदिर को भी पर्यटन विकास की योजना में शामिल किया गया है।
265 करोड़ से बनेगा महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट
राज्य सरकार 265 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट भी विकसित कर रही है। इसमें चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर और उदयपुर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास एवं सौंदर्यीकरण किया जाएगा। दोनों योजनाओं के जरिए मेवाड़-वागड़ की प्राकृतिक खूबसूरती और गौरवशाली इतिहास को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने के साथ स्थानीय समुदायों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर रहेगा।