सच्ची आस्था मानवता और जीवदया का मार्ग दिखाए : मुनि

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उदयपुर, 2 सितंबर: आध्यात्मिक प्रवचन में डॉ. सुरेंद्र मुनि ने कहा कि धर्म और आस्था का उद्देश्य बाहरी आडंबर नहीं, बल्कि जीवन में करुणा, दया और सद्भाव का विकास करना है। उन्होंने कहा कि दूसरों के गुण जानने के साथ उन्हें स्वयं के जीवन में उतारना भी जरूरी है। डॉ. राजेंद्र मुनि ने महावीर की अहिंसा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए जीव मात्र के प्रति संवेदना रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन निरंतर परिवर्तनशील है, इसलिए वर्तमान समय का सदुपयोग करना चाहिए। प्रवचन में श्रावक के 12 व्रत का विवेचन भी किया गया। इस अवसर पर उपाध्याय रमेश मुनि और दीपेश मुनि ने भी मार्गदर्शन दिया।