पर्यवेक्षक ने ली फीडबैक, दिल्ली को सौंपा रिपोर्ट कार्ड
उदयपुर, 16 अक्टूबर: एआईसीसी के राजस्थान संगठन सृजन अभियान 2025 के तहत उदयपुर शहर और देहात जिलाध्यक्ष पद के चयन के लिए नियुक्त पर्यवेक्षक यशोमती ठाकुर ने दावेदारों का फीडबैक लिया और उनके रिपोर्ट कार्ड दिल्ली हाईकमान को सौंप दिए। शहर अध्यक्ष पद के लिए फतह सिंह राठौड़, पंकज शर्मा, दिनेश श्रीमाली, भरत आमेटा, अरुण टांक, अजय सिंह, नजमा मेवाफरोश, मनीष श्रीमाली, डॉ अनुज शर्मा, अजय पोरवाल, राजेश जैन, अरमान जैन, लवंग मुडिया, उत्तम देवड़ा, गोपाल शर्मा और हितांशी शर्मा सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने दावेदारी पेश की।
देहात जिलाध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत, मौजूदा जिलाध्यक्ष कचरूलाल चौधरी, सुनील सुथार चीरवा, राजसिंह झाला, रामलाल गुर्जर, नारायण लीवाल, लालकृष्ण सोनी, मदन पंडित व कामिनी गुर्जर ने दावेदारी दी।
युवा बनाम वरिष्ठता: दिल्ली पर टकटकी
पर्यवेक्षक के निर्देशानुसार दावेदारों में से किसी एक को 50 वर्ष से कम उम्र वाला चुना जाएगा, लेकिन वरिष्ठ नेताओं को नकारना पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। मौजूदा अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ और कचरूलाल चौधरी भी फिर से सेहरा पहनने के लिए तैयार हैं। वहीं, पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत और उनके भाणेज राजसिंह झाला के बीच दावेदारी में अंदरूनी टकराव देखा गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रीति ने पर्यवेक्षक के समक्ष राजसिंह का विरोध किया, जबकि अन्य दावेदार भी अपनी रणनीति के तहत दिल्ली के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।