रिवर सिटी नेटवर्क में शामिल उदयपुर, आयड़ नदी के विकास को और मिलेगी रफ्तार

Share

स्मार्ट सिटी मिशन में 72 करोड़ से हो चुका कायाकल्प, अब राष्ट्रीय मंच से तकनीकी सहयोग और नई परियोजनाओं की उम्मीद
उदयपुर, 27 जुलाई:
आयड़ नदी के पुनर्जीवन और नदी आधारित शहरी विकास को लेकर उदयपुर के लिए नई संभावनाएं खुलती नजर आ रही हैं। भारत सरकार के रिवर सिटीज़ एलायंस में शामिल होने के बाद शहर को नदी संरक्षण, रिवर-सेंसिटिव प्लानिंग और शहरी नदी प्रबंधन से जुड़ी नई तकनीकी सहायता, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और भविष्य की परियोजनाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है। यह गठबंधन देश के 145 से अधिक नदी किनारे बसे शहरों का राष्ट्रीय मंच है, जिसका संचालन जल शक्ति मंत्रालय के नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (NMCG) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (NIUA) संयुक्त रूप से करते हैं।
उदयपुर में आयड़ नदी के कायाकल्प के लिए पहले ही स्मार्ट सिटी मिशन के तहत करीब 72 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य कराए जा चुके हैं। इनमें नदी का सौंदर्यीकरण, तट संरक्षण, पैदल मार्ग, हरित विकास, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण शामिल है। अब रिवर सिटी नेटवर्क का हिस्सा बनने से आयड़ नदी के समग्र प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, जल पुनर्भरण और नदी को शहर के विकास से जोड़ने वाली नई योजनाओं को गति मिलने की संभावना है।
रिवर सिटीज़ एलायंस का उद्देश्य केवल नदी का सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि रिवर सेंसिटिव मास्टर प्लान, शहरी जल प्रबंधन, सीवेज नियंत्रण, बाढ़ प्रबंधन, जैव विविधता संरक्षण और नदी आधारित सतत विकास को बढ़ावा देना है। सदस्य शहरों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और अन्य सफल शहरों के मॉडल अपनाने का अवसर मिलता है।
आयड़ नदी को क्या मिल सकते हैं लाभ
रिवर सेंसिटिव मास्टर प्लान तैयार करने में मदद।
प्रदूषण नियंत्रण और सीवेज प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था।
नदी किनारे हरित क्षेत्र, वॉक-वे और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार।
विशेषज्ञ संस्थानों से तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण।
पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा।