वंदे भारत की फोटो लगाएं..
उदयपुर, 29 मार्च: उदयपुर से संचालित वंदे भारत ट्रेनों में यात्री भार एक बड़ी चुनौती बनकर उभर रहा है। पहले ही उदयपुर-जयपुर और उदयपुर-आगरा रूट की वंदे भारत ट्रेनों को 70% से कम लोड के चलते बंद करना पड़ा था। अब हाल ही शुरू हुई उदयपुर-असावरा वंदे भारत में मात्र 18% ऑक्यूपेंसी दर्ज होने से चिंता बढ़ गई है।
रेलवे सूत्रों और हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आधुनिक सुविधाओं के बावजूद अपेक्षित यात्री नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे संचालन की व्यवहार्यता और राजस्व पर असर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अपेक्षाकृत अधिक किराया, अनुकूल समय सारिणी का अभाव और अन्य परिवहन विकल्प इसकी प्रमुख वजहें हैं।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि यदि किराए में संतुलन, समय में सुधार और प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी दी जाए तो स्थिति सुधर सकती है। साथ ही पर्यटन शहर होने के कारण ट्रेन के प्रचार-प्रसार और टाइमिंग में बदलाव की जरूरत बताई जा रही है। रेलवे के सामने अब इस सेवा को आकर्षक बनाने की चुनौती है, ताकि भविष्य में इसे बंद करने जैसी स्थिति से बचा जा सके।
मुम्बई तक बढ़ाए जाने की जरूरत
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि यदि इस वंदे भारत को मुम्बई तक बढ़ाया जाए तो ही यह सार्थक रहेगी। अहमदाबाद तक जाने के लिए यह ट्रेन ठीक नहीं है। अहमदाबाद जाने और वहां से आने वाले लोग जो इसका टिकट दे पाते हैं, वह अपने चौपहिया वाहन से आते—जाते हैं। इसलिए इसमें यात्री भार बढ़ना मुश्किल है।