शिक्षा के साथ संस्कार निर्माण में अहम भूमिका निभा रही विद्या भारती

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प्रांतीय प्रबंध समिति सम्मेलन को लेकर पत्रकार वार्ता; चित्तौड़ प्रांत में 234 विद्यालयों में शिक्षा-संस्कार का कार्य
उदयपुर, 4 अक्टूबर:
विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की ओर से रविवार को उदयपुर में प्रांतीय प्रबंध समिति सम्मेलन को लेकर पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। विद्या भारती राजस्थान के क्षेत्र प्रचार प्रमुख नवीन कुमार ने संस्था की शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि विद्या भारती भारतीय जीवन-मूल्यों, संस्कृति, संस्कार, राष्ट्रीयता और राष्ट्रभक्ति को शिक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए कार्यरत है। संस्था की शैक्षिक यात्रा वर्ष 1952 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से शुरू हुई थी। वर्तमान में विभिन्न राज्यों में विद्यालयों और अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
चित्तौड़ प्रांत के अंतर्गत बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, राजसमंद, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा सहित क्षेत्रों में जनजातीय और ग्रामीण इलाकों तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है। प्रांत में 38 प्राथमिक, 85 उच्च प्राथमिक, 76 माध्यमिक और 35 उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं।
नवीन कुमार ने बताया कि वंचित और पिछड़े क्षेत्रों तक शिक्षा एवं संस्कार पहुंचाने के लिए संस्कार केंद्रों और एकल शिक्षक विद्यालयों के माध्यम से भी काम किया जा रहा है। जनजातीय क्षेत्रों में योग, संगीत, संस्कृत, नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।