खारी फीडर की चौड़ाई बढ़ाने से मानसून में तेजी से भरेगी ऐतिहासिक झील
उदयपुर, 27 जनवरी: राजसमंद झील में पानी की आवक बढ़ाने की दिशा में वर्षों पुरानी मांग अब साकार होती नजर आ रही है। नंदसमंद बांध से झील तक पानी लाने वाली खारी फीडर के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। इसके पूरा होते ही आगामी मानसून में राजसमंद झील में पहले से दोगुनी रफ्तार से पानी पहुंचेगा, जिससे झील के जल्दी लबालब होने की उम्मीद है।
करीब 3,786 एमसीएफटी भराव क्षमता और लगभग 30 फीट गेज वाली ऐतिहासिक राजसमंद झील दो प्रमुख स्रोतों से भरती है—गौमती नदी और नंदसमंद बांध से निकलने वाली खारी फीडर। वर्तमान में खारी फीडर की लंबाई 32.4 किलोमीटर है, लेकिन इसकी चौड़ाई केवल 3 मीटर होने के कारण अधिकतम 400 क्यूसेक पानी ही झील तक पहुंच पाता है। इसी वजह से मानसून में भी झील भरने की गति धीमी रहती थी।
पिछले बजट में खारी फीडर चौड़ीकरण को मंजूरी मिलने के बाद डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई। 25 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से इस परियोजना का शिलान्यास किया, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। जल संसाधन खंड राजसमंद के अधिशासी अभियंता मानसिंह के अनुसार, शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन को कार्य सौंपा गया है।
करीब 123 करोड़ रुपए की लागत से फीडर की चौड़ाई 3 मीटर से बढ़ाकर 5.80 मीटर की जाएगी। परियोजना में 2 नए समानांतर एक्वाडक्ट, 8 नए एक्वाडक्ट, एक नया साइफन और 49 पुलियों का निर्माण शामिल है। यह कार्य दो वर्षों में पूरा होगा।
परियोजना से 42 गांवों की 10,450 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, वहीं करीब 700 एमसीएफटी पेयजल जरूरत भी पूरी हो सकेगी।