लावारिस कार मिली तो फर्जी नंबर प्लेट लगाकर चलाने लगा सिपाही

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अपराध : आरटीओ कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका, सिपाही निलंबित
उदयपुर, 29 अप्रेल:
भीलवाड़ा के कोतवाली में तैनात कांस्टेबल भरत कुमावत को एक लावारिस कार मिली और उसने इस कार को विभागीय रूप से जब्त करने के बजाय उसने खुद के उपयोग में ले लिया। इसके बाद कार के मॉडल और रंग से मिलती-जुलती दूसरी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर निकालकर उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगवा दी। मामले का खुलासा होने पर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।
मॉडल और रंग के आधार पर निकाला नंबर
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भरत कुमावत ने लावारिस मिली कार के मॉडल और रंग के आधार पर आरटीओ रिकॉर्ड से उसी तरह की एक अन्य कार का नंबर निकाला। इसके बाद उस नंबर की डुप्लीकेट प्लेट बनवाकर कार पर लगा दी और लंबे समय से उसका उपयोग कर रहा था। पुलिस को संदेह है कि यह काम अकेले संभव नहीं था और इसमें विभागीय स्तर पर कुछ लोगों की मदद ली गई।
आरटीओ डाटा लीक होने की आशंका
मामले में यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरटीओ कार्यालय के डाटा एंट्री ऑपरेटरों की मिलीभगत से वाहन पंजीयन संबंधी जानकारी हासिल की गई। यदि ऐसा साबित होता है तो यह केवल फर्जी नंबर प्लेट का मामला नहीं, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड के दुरुपयोग और संगठित धोखाधड़ी का गंभीर प्रकरण बन जाएगा।
कार की असलियत की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि भरत कुमावत के कब्जे में मिली कार चोरी की है, किसी दुर्घटना के बाद छोड़ी गई थी या किसी अन्य अवैध तरीके से उसके पास पहुंची। साथ ही फर्जी नंबर प्लेट तैयार करवाने वालों की भी तलाश की जा रही है। भीलवाड़ा एसपी धर्मेंद्र सिंह यादव ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी कांस्टेबल भरत कुमावत को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच के साथ तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि इस फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।