सरकारी नौकरी का झांसा देकर 500 से अधिक युवाओं से वसूले लाखों रुपए, बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस
बांसवाड़ा, 9 जुलाई: बांसवाड़ा और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी को पूछताछ के बाद गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार “शौर्य फाउंडेशन” नामक संस्था ने डूंगरपुर, बांसवाड़ा सहित टीएसपी क्षेत्र के सात जिलों में सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालन और सर्वे कार्य के नाम पर भर्ती निकाली थी। संस्था ने युवाओं को स्थायी नौकरी और भविष्य में सरकारी सेवा मिलने का भरोसा देकर अपने जाल में फंसाया।
पीड़ित संतोष कुमार निवासी दशहरा गामड़ी ने बताया कि संस्था ने शुरुआत में कुछ अभ्यर्थियों को 7 से 7.5 हजार रुपए का भुगतान कर विश्वास जीता, लेकिन बाद में किसी को नियमित भुगतान नहीं किया गया। आरोप है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से एक लाख से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक वसूले गए। संतोष कुमार से भी डेढ़ लाख रुपए लिए गए थे।
जब युवाओं ने अपने पैसे वापस मांगे तो संस्था के संचालक कार्यालय बंद कर फरार हो गए। आशंका है कि संभागभर में 500 से 600 युवाओं के साथ इस तरह की ठगी हुई है। गुरुवार को कई पीड़ित अपनी शिकायत लेकर जिला कलेक्ट्रेट भी पहुंचे। डीएसपी मनीष चारण ने बताया कि अब तक 29 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सागवाड़ा स्थित संस्था का कार्यालय बंद मिला है। पुलिस बैंक खातों के लेनदेन की जांच कर रही है और मामले की गहन पड़ताल जारी है।