मोबाइल और इंटरनेट की दुनिया में बचपन भी अब तेजी से स्क्रीन तक सिमटता जा रहा है। ऐसे दौर में गांव-ढाणियों में कहीं-कहीं आज भी वे मासूम पल दिखाई दे जाते हैं, जहां न मोबाइल की चिंता होती है, न महंगे खिलौनों की जरूरत। बस दोस्तों का साथ, थोड़ी शरारत और खिलखिलाती हंसी ही पूरी […]
प्रदीप लक्ष्मीनारायण द्विवेदीश्राद्ध का गहरा संबंध श्रद्धा से है, इसलिए कहा जाता है— “पितरों के सम्मान में श्रद्धा से करें श्राद्ध।” भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आरंभ होकर अमावस्या तिथि तक चलने वाले ये दिन पितरों को समर्पित माने जाते हैं।धर्मग्रंथों के अनुसार पितृ पक्ष में अपराह्न व्यापिनी तिथि में किया गया श्राद्ध विशेष फलदायी माना […]