52.25 करोड़ से बदलेगी एनएच-58ई की तस्वीर, भूस्खलन वाले 1.75 किमी हिस्से का होगा आधुनिक पुनर्निर्माण
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उदयपुर, 3 अगस्त: मानसून में बार-बार भूस्खलन और पत्थर गिरने से बाधित रहने वाले कुंड़ाल-झाड़ोल राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-58ई) के पुनर्निर्माण को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। परियोजना के लिए 52 करोड़ 25 लाख 35 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे मेवाड़ के आदिवासी अंचल की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रियों को सुरक्षित व सुगम सफर मिल सकेगा।
परियोजना के तहत हाईवे के किलोमीटर 23.500 से 25.000 के बीच स्थित 1.75 किलोमीटर लंबे सबसे संवेदनशील और भूस्खलन प्रभावित हिस्से का आधुनिक तकनीक से पुनर्निर्माण किया जाएगा। निर्माण कार्य ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर होगा, जिससे सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित किया जा सके।
सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की चरणबद्ध कार्ययोजना के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 20 प्रतिशत कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 2027-28 तक पूरी परियोजना समाप्त कर दी जाएगी।
परियोजना पूरी होने के बाद रणघाटी, स्वरूपगंज, गरावास और खेरवाड़ा के बीच आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। साथ ही मेवाड़ की मध्य प्रदेश से सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होने से व्यापारिक गतिविधियों और पर्यटन को भी गति मिलेगी।
वर्तमान में मानसून के दौरान इस मार्ग पर बार-बार भूस्खलन, पत्थर गिरने और जाम की स्थिति बनती है, जिससे एंबुलेंस, मालवाहक वाहनों और आम यात्रियों को घंटों परेशानी उठानी पड़ती है। पुनर्निर्माण के बाद इन समस्याओं से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।

