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दुर्ग में अवैध दो मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर

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दुर्ग में अवैध दो मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर

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दुर्ग में अवैध दो मंजिला इमारत पर चला बुलडोजर
ASI की जमीन पर बना कमर्शियल निर्माण ध्वस्त, ऐतिहासिक पत्थरों के उपयोग का भी खुलासा
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चित्तौड़गढ़, 14 जून: विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़गढ़ दुर्ग में पुरातत्व विभाग (ASI) की जमीन पर किए गए अवैध दो मंजिला कमर्शियल निर्माण पर रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला दिया। जिला कलेक्टर डॉ. मंजू के निर्देश पर नगर परिषद, पुलिस और ASI की संयुक्त टीम ने करीब 0.14 हेक्टेयर भूमि पर बने निर्माण को ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार राजस्थान में ASI की खातेदारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की यह पहली बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
सुबह 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई
कार्रवाई के लिए प्रशासनिक और पुलिस टीमें सुबह 4 बजे ही दुर्ग पहुंच गई थीं। सुरक्षा के मद्देनजर रामपोल से राणा रतन सिंह महल तक मार्ग बंद कर दिया गया। इसके बाद 9 जेसीबी और 5 ट्रैक्टरों की मदद से अवैध निर्माण को तोड़ने का अभियान शुरू किया गया।
चेतावनी के बावजूद जारी रहा निर्माण
ASI अधिकारियों के अनुसार वर्ष 2024 में यह मामला सामने आया था। विभाग द्वारा कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रोका गया। वर्तमान में नीमच निवासी नीलेश भटनागर और अंकुर द्वारा यहां दो मंजिला कमर्शियल भवन का निर्माण कराया जा रहा था। परिसर में स्विमिंग पूल के लिए गहरा गड्ढा भी खोदा गया था।
ऐतिहासिक पत्थरों का किया उपयोग
जांच में सामने आया कि निर्माण में दुर्ग क्षेत्र के ऐतिहासिक पत्थरों का भी उपयोग किया गया। ASI के डिप्टी सुपरिटेंडेंट मनोज द्विवेदी ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण की अनुमति मिली। कार्रवाई के दौरान विभाग की वर्षों की लापरवाही भी उजागर हुई। 2004 में चिन्हित 64 अतिक्रमण बढ़कर 69 हो चुके हैं। मौके पर पुलिस, नगर परिषद और ASI के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुआवजे की मांग पर भड़का आक्रोश, पुलिस पर पथराव
हाईवे जाम, SHO की गाड़ी समेत दो वाहन क्षतिग्रस्त; हालात काबू करने पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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राजसमंद, 14 जून: सड़क हादसे में घायल निजी अस्पताल कर्मचारी की मौत के बाद राजसमंद के देवगढ़ क्षेत्र में शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। पुलिस के समझाने के प्रयास के दौरान भीड़ उग्र हो गई और पुलिस दल पर पथराव कर दिया।
पथराव में कॉन्स्टेबल घायल, पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त
अचानक हुए पथराव में एक कॉन्स्टेबल के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि देवगढ़ थाना प्रभारी की गाड़ी सहित पुलिस के दो वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मुआवजे को लेकर नहीं बनी सहमति
लाखागुड़ा निवासी राजू सिंह (27) शुक्रवार रात सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था। उपचार के लिए भर्ती कराने के बाद शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई। मृतक निजी अस्पताल में सफाई कर्मचारी था। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे और आर्थिक सहायता की मांग करने लगे, लेकिन अस्पताल प्रबंधन से सहमति नहीं बनने पर प्रदर्शन उग्र हो गया।
हाईवे जाम, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
भीड़ ने पुलिस विरोधी नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम कर दिया। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसके बाद प्रदर्शनकारी मौके से हटे।
12 लोग डिटेन, क्षेत्र में अतिरिक्त जाब्ता तैनात
थाना प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि उपद्रव और पथराव के मामले में 12 लोगों को डिटेन किया गया है। घायल कॉन्स्टेबल का उपचार कराया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जे.के. ओझा ‘प्रताप गौरव सम्मान’ से सम्मानित
महाराणा प्रताप जयंती पर शिवरती शोध संस्था ने किया अलंकरण
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उदयपुर, 14 जून : महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में महाराज शत्रु दमन सिंह शिवरती विद्यापीठ संस्थान के तत्वावधान में प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित ‘प्रताप गौरव सम्मान’ से इस वर्ष मेवाड़ के वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जे.के. ओझा को सम्मानित किया गया। संस्थान भवन में आयोजित समारोह में उन्हें शाल, उपरणा, पगड़ी, प्रशस्ति पत्र, नारियल, स्मृति चिह्न एवं महाराणा प्रताप की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया।
शिवरती शोध संस्था के निदेशक एवं इतिहासकार डॉ. अजात शत्रु सिंह शिवरती ने बताया कि डॉ. ओझा ने इतिहास के अनेक अनछुए पक्षों को अपने शोध कार्यों के माध्यम से उजागर किया है। उनके लगभग 150 शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं, शोध संकलनों तथा इतिहास सम्मेलनों में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने करीब 15 पुस्तकों का लेखन एवं कई ग्रंथों का संपादन भी किया है।
डॉ. ओझा राजस्थान हिस्ट्री कांग्रेस के संयुक्त सचिव रह चुके हैं तथा यूजीसी एवं आईसीएचआर के कई शोध प्रकल्प पूर्ण कर चुके हैं। इतिहास के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें महाराणा कुम्भा सम्मान सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत किया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व यह सम्मान डॉ. राजशेखर व्यास, प्रो. के.एस. गुप्त, डॉ. देवीलाल पालीवाल, डॉ. बृजमोहन जावलिया, प्रो. मीना गौर सहित मेवाड़ के कई प्रतिष्ठित इतिहासकारों को प्रदान किया जा चुका है।

ओम मेनारिया विप्र सेना के देहात जिलाध्यक्ष मनोनीत
विप्र सेना स्थापना दिवस पर होगा प्रतिभा सम्मान समारोह
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उदयपुर, 14 जून: विप्र सेना उदयपुर की बैठक रविवार को परशुराम चौराहे के समीप स्थित हनुमान मंदिर में प्रदेशाध्यक्ष दिनेश शर्मा एवं जिलाध्यक्ष अंबालाल नागदा के नेतृत्व में आयोजित हुई। बैठक में आगामी 19 जुलाई 2026 को विप्र सेना के स्थापना दिवस पर आयोजित होने वाले विप्र प्रतिभा सम्मान समारोह की तैयारियों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम संयोजक नंदलाल जोशी ने बताया कि समारोह में सर्व ब्राह्मण समाज के 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं, खेलकूद, पीएचडी, डॉक्टरी उपाधि तथा राजस्थान एवं भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में चयनित प्रतिभाओं का सम्मान किया जाएगा। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विप्रजनों को भी सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में संगठन विस्तार के तहत ओम मेनारिया (मेनार) को विप्र सेना का देहात जिलाध्यक्ष मनोनीत किया गया। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री गिरीश दवे, संभाग अध्यक्ष परमानंद शर्मा, महामंत्री नंदलाल जोशी, संभाग उपाध्यक्ष बंसी व्यास, युवा जिलाध्यक्ष अजय व्यास सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी संभाग मीडिया प्रभारी राजेश भट्ट ने दी।

नित्या सिंघल की पुस्तक हीलिंग एट होम- नित्या के नुस्खे का थर्ड स्पेस में हुआ विमोचन
प्रकृति, परंपरा और आत्म-देखभाल की ओर लौटने का आमंत्रण है “हीलिंग एट होम”
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उदयपुर, 14 जून: आईआईएम कोझिकोड से स्नातकोत्तर तथा देश के प्रतिष्ठित औद्योगिक परिवारो से ताल्लुक रखने वाली नित्या सिंघल की नवीन पुस्तक “हीलिंग एट होम” का विमोचन रविवार को थर्ड स्पेस में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर शहर के गणमान्य नागरिक, चिकित्सा जगत के विशेषज्ञ, उद्योगपति तथा विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं।
लेखिका नित्या सिंघल ने पुस्तक के महत्वपूर्ण अंशों का सारगर्भित विवेचन किया। उन्होंने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य और उपचार की वास्तविक शुरुआत अस्पतालों से नहीं, बल्कि घर से होती है। हमारी रसोई, हमारी जीवनशैली और हमारी दैनिक आदतें ही स्वस्थ जीवन की सबसे मजबूत नींव हैं।
नित्या ने कहा कि हीलिंग एट होम प्रकृति, परंपरा और आत्म-देखभाल की उस भारतीय जीवन संस्कृति में ले जाती है, जिसे कथित आधुनिक जीवन की भागदौड़ में हम धीरे-धीरे पीछे छोड़ते जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह पुस्तक केवल घरेलू नुस्खों का संकलन नहीं, बल्कि भारतीय परंपरा, आयुर्वेदिक ज्ञान और प्रकृति की उपचार शक्ति पर आधारित एक समग्र जीवन-दर्शन है। पुस्तक में माइग्रेन, साइनस, सर्दी-जुकाम, अस्थमा, कब्ज, एसिडिटी, मधुमेह, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल, जोड़ों का दर्द, अनिद्रा, बाल झड़ना, दांतों की समस्याएँ, प्रतिरोधक क्षमता, डेंगू और निमोनिया सहित 30 से अधिक सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए घरेलू एवं प्राकृतिक उपायों का उल्लेख किया गया है।
नित्या ने कहा कि पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता उपचार बताना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति सोच को रचनात्मक व सुधारात्मक बनाना है।
नित्या सिंघल के अनुसार आज का समाज त्वरित समाधान का आदी हो चुका है, जबकि प्रकृति आधारित उपचार धैर्य, अनुशासन और निरंतरता मांगते है।
पुस्तक के केंद्रीय संदेश को अभिव्यक्त करते हुए नित्या ने कहा कि शरीर स्वयं को स्वस्थ करने की अद्भुत क्षमता रखता है। वह कभी अचानक बीमार नहीं होता, बल्कि पहले संकेत देता है। सिरदर्द, अनिद्रा, थकान, बार-बार होने वाली सर्दी-जुकाम या पाचन संबंधी समस्याएँ शरीर के भीतर मौजूद असंतुलन की ओर इशारा करती हैं। यदि इन संकेतों को समय रहते समझ लिया जाए, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है।
नित्या ने बताया कि उन्हें पुस्तक लिखने की प्रेरणा आधुनिक प्रयोगशालाओं से नहीं, बल्कि उनकी दादी और नानी की रसोई से मिली है। एक समय था जब सर्दी-जुकाम में तुलसी और अदरक का काढ़ा, पेट दर्द में अजवाइन और चोट पर हल्दी पहला उपचार हुआ करता था। यह ज्ञान पुस्तकों से अधिक अनुभवों और पारिवारिक परंपराओं में जीवित था। हीलिंग एट होम उसी अमूल्य विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का प्रयास है।
नित्या का मानना है कि भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने वाली औषधि भी है। हल्दी, अदरक, तुलसी, अजवाइन, सौंफ, जीरा, शहद और घी जैसे सामान्य भारतीय खाद्य पदार्थ हमारे स्वास्थ्य के सशक्त सहयोगी हैं। ऐसे समय में जब लोग महंगे सप्लीमेंट्स, दवाओं और त्वरित समाधानों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, यह पुस्तक याद दिलाती है कि स्वास्थ्य खरीदा नहीं जा सकता; उसे संतुलित भोजन, अनुशासित दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली के माध्यम से अर्जित करना पड़ता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पुस्तक आधुनिक चिकित्सा का विरोध नहीं करती। गंभीर बीमारियों, आपातकालीन परिस्थितियों और जटिल स्वास्थ्य समस्याओं में चिकित्सकीय सलाह और उपचार अनिवार्य हैं। प्राकृतिक उपचार आधुनिक चिकित्सा के विकल्प नहीं, बल्कि उसके प्रभावी सहयोगी हो सकते हैं।
नित्या ने कहा कि हीलिंग एट होम केवल स्वास्थ्य संबंधी पुस्तक नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, अपनी परंपराओं और प्रकृति के साथ पुनः जुड़ने का एक प्रयास है। प्रकृति सबसे बड़ी चिकित्सक है; आवश्यकता केवल उसकी भाषा को समझने और उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाने की है।
विमोचन कार्यक्रम में प्रसिद्ध उद्योगपति दिलीप खेमका, अरविंद सिंघल, नमिता खेमका, गौरांग सिंघल तथा आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्षा भावसार ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त किए। संयोजन कनिका सांघी, भुवनेश्वरी शक्तावत ने किया। स्वास्थ्य परिचर्चा का संचालन एवं समन्वय श्रृद्धा मुर्डिया ने किया । कार्यक्रम में शहर व भारत भर से आये गणमान्य नागरिक थे।

कार-बाइक की भीषण भिड़ंत में काका-भतीजे की मौत
प्राथमिक उपचार के बाद गुजरात ले गए थे परिजन, इलाज के दौरान तोड़ा दम
कोटड़ा, 14 जून: कोटड़ा थाना क्षेत्र के पाथरपाड़ी गांव में शनिवार रात कार और मोटरसाइकिल के बीच हुई भीषण भिड़ंत में काका-भतीजे की मौत हो गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें पुलिस की मदद से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
थानाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। प्राथमिक उपचार के बाद परिजन दोनों घायलों को बेहतर इलाज के लिए गुजरात ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतकों की पहचान प्रवीण पुत्र मसरू लखुम्बरा और कीका पुत्र नंदू लखुम्बरा निवासी पाथरपाड़ी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

संदीप राठौड़ ने किया 50वां रक्तदान, मानव सेवा का दिया प्रेरक संदेश
विश्व रक्तदाता दिवस पर ताज अरावली में रक्तदान शिविर, 56 यूनिट रक्त संग्रहित
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उदयपुर, 14 जून। ताज अरावली प्रबंधन, सैंडीज़ ट्रैवल टेल्स एवं लोक मित्र ब्लड बैंक के संयुक्त तत्वावधान में विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर रविवार को ताज अरावली रिसॉर्ट, उदयपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सामाजिक सरोकार और मानव सेवा को समर्पित इस पहल में होटल कर्मियों एवं अन्य रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिविर के दौरान कुल 56 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगा। कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि संदीप राठौड़ ने इस अवसर पर अपना 50वां रक्तदान कर समाज के सामने सेवा और समर्पण का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर ताज अरावली रिसॉर्ट के महाप्रबंधक हर्षराज सिंह, एचआर हेड प्रतिभा सिंह राठौड़, स्वराजिता रॉय सहित होटल की टीम के सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए रक्तदान को सबसे बड़ा मानवीय दान बताया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि किसी अज्ञात व्यक्ति को जीवन देने का अवसर भी है। नियमित रक्तदान से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है और आपात परिस्थितियों में जरूरतमंदों की सहायता सुनिश्चित की जा सकती है।
रक्तदान शिविर के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी रक्तदाताओं, सहयोगियों एवं चिकित्सा दल का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

अग्रोहा उदयपुर की 8वीं फैमिली मीट बनी नेटवर्किंग और पारिवारिक सौहार्द का मंच
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उदयपुर, 14 जून: अग्रवाल समाज के उद्यमियों और पेशेवरों को एक वैश्विक मंच पर जोड़ने वाले प्रतिष्ठित संगठन अग्रोहा के उदयपुर चैप्टर की 8वीं बैठक सुखेर स्थित होटल व्रज में उत्साह, उल्लास और आत्मीय वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। इस विशेष फैमिली मीट में सदस्यों और उनके परिवारों ने सहभागिता कर नेटवर्किंग, पारिवारिक जुड़ाव और सामाजिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान की।
कार्यक्रम में बिजनेस एवं फैमिली इंट्रोडक्शन, मनोरंजक खेल, पारिवारिक गतिविधियाँ, ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिताएँ और विभिन्न सहभागितापूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन गतिविधियों ने न केवल सदस्यों के बीच व्यावसायिक संबंधों को मजबूत किया, बल्कि परिवारों के बीच आत्मीयता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दिया।
बैठक का संचालन एवं संयोजन चैप्टर अध्यक्ष डॉ. प्रशांत अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल अग्रवाल, सचिव अंकित गर्ग एवं इवेंट चेयर पीयूष बंसल के नेतृत्व में किया गया। उपस्थित सदस्यों ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि पारिवारिक थीम पर आधारित यह आयोजन अग्रोहा की अब तक की सबसे यादगार बैठकों में से एक रहा। कार्यक्रम में 60 से अधिक सदस्यों,उनके परिवारजनों व सभी प्रतिभागियों ने नेटवर्किंग सत्रों, खेलों और प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस अवसर पर अग्रोहा के संस्थापक करण गर्ग एवं सह-संस्थापक निधि गर्ग ने संगठन की स्थापना से लेकर वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए सदस्यों को वैश्विक नेटवर्किंग के महत्व से अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि अग्रोहा उदयपुर का शुभारंभ गत 28 फरवरी 2026 को हुआ था और वर्तमान में इसमें 28 सदस्य जुड़े हुए हैं। वहीं अग्रोहा जयपुर चेप्टर 70 से अधिक सदस्यों के साथ सफलतापूर्वक कार्य कर रहा है। संगठन के माध्यम से देशभर के 25 से अधिक शहरों में नए चैप्टर स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे अग्रवाल समाज के व्यवसायियों और उद्यमियों को व्यापारिक अवसरों, सहयोग और सामाजिक सहभागिता का व्यापक मंच मिल रहा है।

पहली हवाई उड़ान ने दिए सपनों को पंख, ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी 2026’ बना 15 बच्चों के जीवन का यादगार सफर
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उदयपुर, 14 जून: राउंड टेबल इंडिया की प्रेरणादायक पहल ‘फ्लाइट ऑफ फैंटेसी 2026’ के तहत वंचित वर्ग के 15 स्कूली बच्चों को एक ऐसे अनुभव से रूबरू कराया गया, जिसे वे जीवनभर नहीं भूल पाएंगे। इस विशेष यात्रा में कई बच्चों ने पहली बार ट्रेन में सफर किया, होटल में ठहरने का आनंद लिया और हवाई जहाज में उड़ान भरकर अपने सपनों को नई ऊंचाई दी।
इस अविस्मरणीय यात्रा के दौरान बच्चों के उत्साह और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने के लिए चेयरमैन कुणाल बागरेचा, कम्युनिटी सर्विस कन्वीनर सीमंत अग्रवाल तथा हर्षित कोठारी स्वयं उनके साथ मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाया और पूरे सफर को और भी यादगार बना दिया।
यात्रा के दौरान बच्चों को शिक्षा, मनोरंजन और प्रेरणा से भरपूर कई गतिविधियों का अनुभव कराया गया। बच्चों ने राजस्थान विधानसभा का भ्रमण कर लोकतांत्रिक व्यवस्था और शासन-प्रणाली की महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। वहीं तारामंडल (प्लेनेटेरियम) में अंतरिक्ष की रहस्यमयी दुनिया को करीब से देखा और विज्ञान के प्रति अपनी जिज्ञासा को नई दिशा दी।
इसके अलावा बच्चों ने हाउस ऑफ प्ले में विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया। शानदार भोजन, होटल में ठहरने और बेहतरीन आतिथ्य का अनुभव भी उनके लिए बिल्कुल नया और रोमांचकारी रहा।
यात्रा का सबसे भावुक और उत्साहपूर्ण क्षण तब आया जब बच्चों ने जयपुर से उदयपुर तक हवाई यात्रा की। विमान में बैठकर आसमान की ऊंचाइयों को छूने का अनुभव उनके लिए किसी सपने के सच होने से कम नहीं था। बच्चों के चेहरों पर झलकती खुशी और उत्साह इस पहल की सफलता को बयां कर रहे थे।
राउंड टेबल इंडिया की यह पहल केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को नई उड़ान देने और उन्हें बड़े लक्ष्य देखने के लिए प्रेरित करने का प्रयास है। यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, हर बच्चे को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अवसर मिलना चाहिए।
“फ्लाइट ऑफ फैंटेसी 2026” ने साबित कर दिया कि छोटी-सी पहल भी किसी बच्चे के जीवन में बड़े बदलाव और नई उम्मीदों की उड़ान भर सकती है, क्योंकि हर बच्चा आसमान छूने का हकदार है।

दान, धर्म और एकता का संदेश देकर संपन्न हुई श्रीमद्भागवत कथा, भजनों पर झूमे श्रद्धालु
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उदयपुर, 14 जून: श्री तैलिक साहू समाज पंच महासभा (छः बैठक) द्वारा पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर तीज का चौक स्थित माहेश्वरी सेवा सदन में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का भक्तिमय वातावरण में भव्य समापन हुआ।
कथा के अंतिम दिन परम पूज्य पंडित अनन्तराम शास्त्री ने अपने श्रीमुख से दान की महिमा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि सच्चे मन से किया गया दान व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाता है और उसे आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर करता है।
कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य चरित्रों का वर्णन करते हुए शास्त्री जी ने उनके 16,108 विवाहों की पावन कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भगवान सदैव अच्छे कार्य करने वालों की परीक्षा लेते हैं। जाम्बवती विवाह, स्यमंतक मणि की प्राप्ति, सत्यभामा विवाह तथा भौमासुर के वध के पश्चात 16 हजार 100 कन्याओं को मुक्त कराने की प्रेरणादायक कथा का भावपूर्ण वर्णन किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने मंत्रमुग्ध होकर सुना।
कथा के समापन अवसर पर जब भजन “राधे-राधे कारो कारो पानी लागे” की प्रस्तुति हुई तो पूरा कथा पंडाल भक्तिरस में डूब गया और श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे। जयकारों और भजनों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
समाज अध्यक्ष एडवोकेट हेमेन्द्र पण्डियार ने कहा कि इस आयोजन ने समाज में एकता, समरसता और सनातन धर्म के प्रति आस्था का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि साहू समाज की सभी छह बैठकें,बलदेव बैठक, मंडी बैठक, गंगाराम जी बैठक, मेवाड़ बैठक, बेदला बैठक एवं भुवाणा बैठक,इस आयोजन में एकजुट होकर शामिल हुईं, जो समाज की संगठित शक्ति का प्रतीक है।
कथा समापन कार्यक्रम में सभी बैठकों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कथा संयोजक जगदीश चन्द्र पण्डियार ने आयोजन की सफलता के लिए सभी समाजबंधुओं, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।
महामंत्री कन्हैयालाल नैणावा ने जानकारी देते हुए बताया कि पुरुषोत्तम मास के अंतर्गत 15 जून 2026 को खाटू श्याम संध्या का आयोजन किया जाएगा, जबकि 16 जून 2026 को ओसवाल भवन में महाप्रसादी का आयोजन होगा। इस अवसर पर समाज के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रखे जाएंगे तथा समाजबंधु बड़ी संख्या में कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके साथ ही मंगलवार को भगवान की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें समाजजन एवं श्रद्धालु उत्साहपूर्वक शामिल होकर धर्म और संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।

बॉलीहॉप के रंग में रंगा उदयपुर, युवाओं ने दिखाया जबरदस्त उत्साह
उदयपुर डांस फेस्टिवल की निःशुल्क कार्यशाला में प्रतिभागियों ने सीखे आधुनिक नृत्य के नए अंदाज़
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उदयपुर, 14 जून: कथक आश्रम संस्थान और एम स्क्वायर प्रोडक्शन एंड इवेंट्स की ओर से होने वाले उदयपुर डांस फेस्टिवल को लेकर मधुश्री बैंक्वेट हॉल में निःशुल्क बॉलीहॉप डांस कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला में शहर के बच्चों, युवाओं एवं नृत्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आधुनिक नृत्य शैली की नई तकनीकों एवं प्रस्तुति कौशल का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
एम स्क्वेयर प्रोडक्शन एंड इवेंट्स के सीईओ मुकेश माधवानी ने बताया कि कार्यशाला में बीट बीस्ट डांस स्टूडियो के डायरेक्टर एवं कोरियोग्राफर कृष्णा खरवड़ ने प्रतिभागियों को बॉलीहॉप डांस शैली की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने विभिन्न डांस मूव्स, मंचीय प्रस्तुति एवं परफॉर्मेंस तकनीकों की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों में सीखने का गजब का उत्साह देखने को मिला।
कथक आश्रम संस्थान की संस्थापिका चंद्रकला चौधरी ने बताया कि उदयपुर डांस फेस्टिवल 2026 का मुख्य आयोजन आगामी 12 जुलाई को आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश के प्रतिभाशाली नृत्य कलाकार एवं प्रतियोगी अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि फेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा नृत्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में विपुल श्रीवास्तव, सभी तलरेचा, छवि तलनेजा सहित अन्य सहयोगियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर सीखते रहने का संदेश दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों में जबरदस्त ऊर्जा, उमंग और सीखने की ललक देखने को मिली। सभी प्रतिभागियों ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे प्रेरणादायक एवं यादगार अनुभव बताया।
उल्लेखनीय है कि उदयपुर डांस फेस्टिवल 2026 के अंतर्गत आगामी दिनों में भी विभिन्न नृत्य कार्यशालाओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे युवा कलाकारों को अपनी प्रतिभा निखारने और बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।

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